CU की प्रतिष्ठा बढ़ी...एआईसीटीई ने क्यूआईपी सेंटर बनाया, एनआईटी के बाद छत्तीसगढ़ का ये दूसरा इंस्टिट्यूट होगा, वीसी बोले...Thanks AICTE

Update: 2022-02-23 13:52 GMT

बिलासपुर, 23 फरवरी 2022। गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वद्यिलय के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ स्टडीज इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (क्यूआईपी) केंद्र प्रदान किया है। एनआईटी रायपुर के बाद छत्तीसगढ़ में यह दूसरा क्यूआईपी केंद्र है। प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2022-23 से आयोजित किए जाएंगे।

क्यूआईपी का मुख्य उद्देश्य डिप्लोमा स्तर और डिग्री स्तर के संस्थानों के संकाय सदस्यों की विशेषज्ञता और क्षमताओं का उन्नयन करना है। यह क्यूआईपी केंद्र विशेष रूप से इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी स्कूल और सामान्य रूप से विश्वविद्यालय की अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ाएगा। कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल के प्रयास से थोड़े समय के भीतर एआईसीटीई द्वारा जीजीवी को क्यूआईपी केंद्र प्रदान किया गया है। यह क्यूआईपी केंद्र देश भर के एआईसीटीई से संबद्ध पॉलिटेक्निक कॉलेजों और इंजीनियरिंग कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों के लिए एम.टेक और पीएचडी कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे संस्थानों में तकनीकी शिक्षा के मानक और गुणवत्ता में सुधार होगा। इस केंद्र को इंजीनियरिंग संस्थानों के संकाय सदस्यों के लाभ के लिए अधिकतम 20 एक सप्ताह या दो सप्ताह के अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित करने की भी अनुमति होगी, जिसके लिए एआईसीटीई इस केंद्र को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, एआईसीटीई पीएचडी करने वाले संकाय सदस्यों के लिए प्रति माह 15000 रुपये और एम.टेक करने वाले संकाय सदस्यों के लिए 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

एआईसीटीई विश्वविद्यालय को क्यूआईपी केंद्र चलाने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगा। जीजीवी को क्यूआईपी केंद्र प्रदान करने के लिए कुलपति ने एआईसीटीई को धन्यवाद दिया है। उन्होंने रजिस्ट्रार प्रो. शैलेंद्र कुमार, डीन प्रो. टी वी अर्जुनन, समन्वयक डॉ एम चक्रधर राव, सह-समन्वयक डॉ अमित जैन और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के पूरे संकाय बिरादरी को भी बधाई दी।

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