Delhi AIIMS Cancer Surgery : डॉक्टरों ने किया कमाल : मौत के मुंह से खींच लाए चौथे स्टेज कैंसर की मरीज, पेट से निकाला 20 किलो का ट्यूमर, जानें कैसे हुआ ये चमत्कार
Delhi AIIMS Cancer Surgery : दिल्ली एम्स के डॉक्टरो ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, डॉक्टरो की एक टीम ने कोलन कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रही एक महिला की जान बचाने में सफलता पाई है
Delhi AIIMS Cancer Surgery : डॉक्टरों ने किया कमाल : मौत के मुंह से खींच लाए चौथे स्टेज कैंसर की मरीज, पेट से निकाला 20 किलो का ट्यूमर, जानें कैसे हुआ ये चमत्कार
Delhi AIIMS 4 Stage Cancer Surgery : नई दिल्ली : दिल्ली एम्स के डॉक्टरो ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, डॉक्टरो की एक टीम ने कोलन कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रही एक महिला की जान बचाने में सफलता पाई है, इस जटिल ऑपरेशन के जरिए महिला के पेट से 20 किलो वजन का ट्यूमर निकाला गया है, इस केस की सबसे बड़ी बात ये है की आमतौर पर कैंसर की चौथी स्टेज में सर्जरी को बहुत जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन डॉक्टरों ने इसे मुमकिन कर दिखाया
पेट में भारीपन और सूजन
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली 43 वर्षीय मुनमुन जब एम्स दिल्ली पहुंची, तो उसका पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था, उसे चलने फिरने और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी, शुरुआती जांच और मेडिकल हिस्ट्री देखने के बाद डॉक्टरो को पता चला की उसे कोलन कैंसर है, जो शरीर के निचले हिस्से और पूरे पेट में फैल चुका है, बीमारी चौथी स्टेज पर थी, जिसके कारण मरीज का शरीर काफी कमजोर हो चुका था
जटिल सर्जरी
सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एम.डी. रे ने बताया की कैंसर का ट्यूमर इतना बड़ा था की उसने आसपास के अंगो को दबाना शुरू कर दिया था सर्जरी से पहले मरीज को तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी पहले मरीज को कीमोथेरेपी के 6 सेशन दिए गए ताकि कैंसर और न फैले उसके बाद स्कैन मे सुधार दिखने के बाद डॉक्टरों ने मल्टी ऑर्गन रिसेक्शन तकनीक का सहारा लिया, कई घंटे तक चली इस सर्जरी मे डॉक्टरों ने 19.9 किलो का भारी ट्यूमर शरीर से बाहर निकाल
गर्म कीमोथेरेपी
डॉक्टरों को डर था की सर्जरी के बाद भी पेट के अंदर कैंसर के छोटे सेल बच सकते हैं, इसके लिए एक आधुनिक कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया गया, इसमें कीमोथेरेपी की दवा को गर्म करके सीधे पेट के भीतर डाला जाता है, यह तकनीक एडवांस स्टेज के कैंसर मरीजो के लिए रामबाण साबित हो रही है, मुनमुन के केस में भी इस थेरेपी के बेहतरीन नतीजे देखने को मिले
चौथे स्टेज के मरीजो के लिए नई उम्मीद
कैंसर की चौथी स्टेज में जब बीमारी शरीर के अन्य अंगो में फैल जाता है, तो जीवित रहने की संभावना बहुत कम रह जाती है ऐसे मामलों मे सर्जरी को असंभव माना जाता है क्योंकि संक्रमण और बहुत ज्यादा खून बहने का खतरा रहता है, लेकिन एम्स के डॉक्टरो के इस सफल प्रयास ने यह साबित कर दिया है की सही तकनीक से कैंसर की अंतिम स्टेज पर भी जीत हासिल की जा सकती है