Supreme Court News : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : स्कूलों में लड़कियों को मिलेगा मुफ्त सैनिटरी पैड, कोर्ट ने कहा- यह जीने के अधिकार का हिस्सा

Supreme Court News : सुप्रीम कोर्ट ने पुरे देश में सरकारी स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता निति के तहत बड़ा फैसला सुनाया है, कोर्ट ने कहा की मासिक धर्म स्वच्छता और मासिक स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार जीने के अधिकार और गोपनीयता के अधिकार का अहम हिस्सा है  

Update: 2026-01-30 10:24 GMT

Supreme Court News : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : स्कूलों में लड़कियों को मिलेगा मुफ्त सैनिटरी पैड, कोर्ट ने कहा- यह जीने के अधिकार का हिस्सा

Menstrual Hygiene Policy : नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट ने पुरे देश में सरकारी स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता निति के तहत बड़ा फैसला सुनाया है, कोर्ट ने कहा की मासिक धर्म स्वच्छता और मासिक स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार जीने के अधिकार और गोपनीयता के अधिकार का अहम हिस्सा है  

Menstrual Hygiene Policy : देश भर के सभी स्कूली लडकियों के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और  केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है की स्कूलों में लडकियों को फ्री सैनिटरी नैपकिन तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराये, कोर्ट ने कहा की  मासिक स्वच्छता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार जीने के और गोपनीयता का अहम् हिस्सा है, मासिक पिरेड के समय साफ सफाई की सुविधा न मिलना लड़कियों के सेहत के लिहाज से भी नुकसान दायक है, लडकियों को किसी भी प्रकार का असहजता महसूस नही होनी चाहिए,   

लड़कियों की शिक्षा और गरिमा दोनों होगी सुरक्षित 


सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दे दिया है की सभी स्कूलों में सैनिटरी पैड बिलकुल फ्री उपलब्ध कराये, कोर्ट ने कहा इससे स्कूल छोड़ने की दर में कमी आएगी और साथ ही लड़कियों की शिक्षा और गरिमा दोनों होगी सुरक्षित होगी,  सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया है की मासिक स्वच्छता को दया के नजर से नही बल्कि एक मौलिक अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए और सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी मुद्दा है 

लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड 

क्लास 6 से 12 तक की स्कुल जानें वाली छात्राओं की बिलकुल फ्री सैनिटरी नेपकिन उपलब्ध कराए जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये बड़ा फैसला सुनाया है, ये याचिका मध्य प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था, मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा था की वो इस मुद्दे पर राष्ट्रीय नीति बनाये,  कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है की वो मासिक धर्म की स्वच्छता को लेकर अपने फंड से चलाई जा रही पॉलिसी से केंद्र को जानकारी दे 

इस विषय पर जस्टिस पारदीवाला ने भावुक टिप्पणी की, हम हर उस बच्ची को यह मेसेज देना चाहते हैं, जो मासिक धर्म के कारण स्कूल नही आ पाती, गलती उस बच्ची की नहीं है. ये शब्द अदालत से बाहर निकलकर समाज की सामूहिक चेतना तक पहुंचना चाहिए 

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