Delhi Adarsh-Nagar-Fire : रूह कंपा देने वाला मंजर : DMRC क्वार्टर में लगी भीषण आग, मेट्रो इंजीनियर, पत्नी समेत मासूम बेटी की जलकर मौत, क्या शॉर्ट सर्किट था या सोची-समझी साजिश?

Delhi Adarsh-Nagar-Fire : देश की राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके से मंगलवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

Update: 2026-01-06 07:09 GMT

Delhi Adarsh-Nagar-Fire : रूह कंपा देने वाला मंजर : DMRC क्वार्टर में लगी भीषण आग, मेट्रो इंजीनियर, पत्नी समेत मासूम बेटी की जलकर मौत, क्या शॉर्ट सर्किट था या सोची-समझी साजिश?

Delhi Metro Staff Quarter Fire : नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके से मंगलवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ स्थित दिल्ली मेट्रो (DMRC) के स्टाफ क्वार्टर में आधी रात भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में दिल्ली मेट्रो के एक असिस्टेंट इंजीनियर, उनकी पत्नी और उनकी मासूम 10 वर्षीय बेटी शामिल हैं। जब पूरी दुनिया गहरी नींद में थी, तब इस फ्लैट में लगी आग और धुएं ने एक पूरे परिवार का अस्तित्व ही मिटा दिया।

Delhi Metro Staff Quarter Fire : आधी रात को मौत बनकर आई आग

दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की पहली सूचना कंट्रोल रूम को रात करीब 2:39 बजे मिली। हादसा आदर्श नगर स्थित DMRC स्टाफ क्वार्टर की दूसरी मंजिल (Second Floor) पर हुआ। बताया जा रहा है कि जब आग लगी, तब असिस्टेंट इंजीनियर का परिवार गहरी नींद में सो रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लैट को अपनी गिरफ्त में ले लिया और धुएं का काला गुबार आसमान की तरफ उठने लगा।

धमाके की गूँज और धुएं का गुबार

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आग लगने के बाद फ्लैट के भीतर दम घोंटने वाला जहरीला धुआं भर गया था। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने एक तेज धमाके की आवाज भी सुनी, जिसके बाद आग की लपटें और भी विकराल हो गईं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम इस बात की जांच कर रही है कि वह धमाका एसी (AC) का था या रसोई गैस सिलेंडर का। धुएं की वजह से परिवार को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और वे फ्लैट के भीतर ही फंसे रह गए।

दमकलकर्मियों का रेस्क्यू ऑपरेशन और एक जवान घायल

सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के दौरान दिल्ली फायर सर्विस का एक जवान भी झुलस गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब दमकलकर्मी सर्च ऑपरेशन के लिए फ्लैट के अंदर दाखिल हुए, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था। परिवार के तीनों सदस्यों के शव बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

फॉरेंसिक जांच और सुरक्षा पर सवाल

दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम अब मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव, दोनों ही पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। DMRC स्टाफ क्वार्टर जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। इस हादसे ने बहुमंजिला इमारतों और सरकारी क्वार्टरों में फायर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

इलाके में पसरा सन्नाटा और गमगीन माहौल

इस हादसे के बाद पूरे आदर्श नगर और DMRC कॉलोनी में मातम का माहौल है। असिस्टेंट इंजीनियर के सहयोगियों और पड़ोसियों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि कल तक जो परिवार उनके साथ था, वह आज एक राख के ढेर में बदल गया है। 10 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत ने स्थानीय लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो यह हादसा केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि एक अपूरणीय क्षति है जो सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Tags:    

Similar News