CG में बीच सड़क बर्थडे सेलिब्रेशन: हाईवे जाम कर कार की बोनट पर काटा केक, जाम में फंसा एम्बुलेंस
CG News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर कुछ युवकों ने हाईवे जाम कर जन्मदिन का जश्न मनाया। कार की बोनट पर केक काटा। सेलिब्रेशन के चलते हाईवे पर घण्टो जाम लगा रहा।
सूरजपुर 19 फरवरी 2026, छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर युवकों ने हाईवे जाम कर जन्मदिन का जश्न मनाया। अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाईवे पर जमकर आतिशबाजी की। कार की बोनट पर केक काटकर बर्थडे सेलिब्रेशन किया। सेलिब्रेशन के चलते हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। एम्बुलेंस सहित कई गाड़ियां जाम में फंसी रही। सेलिब्रेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सड़कों पर बर्थडे सेलिब्रेशन और यातायात बाधित करने के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद युवकों ने स्टेट हाईवे पर आतिशबाजी कर जन्मदिन मनाया।
क्या है मामला?
अंबिकापुर के कुछ युवक चठिरमा सीमा क्षेत्र में सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर बने बैरियर के पास स्थित एक ढाबे में बर्थडे पार्टी मनाने पहुंचे थे। युवकों ने पहले ढाबे में पार्टी की और इसके बाद हाईवे पर आकर सड़क जाम कर दिया। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर चारपहिया वाहन खड़े कर दोनों ओर से सड़क बंद कर दी। जमकर आतिशबाजी की गई और कार की बोनट पर केक काटा। इसके चलते हाईवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। कई गाड़ियां जाम में फंसी रही। एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। सेलिब्रेशन का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद उसे डिलीट कर दिया गया।
स्टंटबाजी और केक काटने पर हाईकोर्ट ने ये कहा
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने स्टंटबाजी, बर्थ-डे सेलिब्रेशन और केक काटने के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेकर राज्य शासन से जवाब मांगा था। हाई कोर्ट की नाराजगी के बाद शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया और स्टंट में शामिल गाड़ियों को जब्त किया है।
कार मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफ़ारिश भी की गई। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नजरिए से की गई ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। ऐसे मामलों में गाड़ियों के मालिकों की पहचान करने के साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
हाई कोर्ट की तल्खी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी करने वाले युवाओं को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि यह दूसरों के लिए सबक बने। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पुलिस का प्रकोप अक्सर केवल गरीब, मध्यम वर्ग और दलितों पर पड़ता है।
कोर्ट ने कहा था कि संपन्न और बाहुबलियों के खिलाफ पुलिस नख-दंतहीन बाघ बन जाती हैं। ऐसे लोग मामूली जुर्माना भरकर आसानी से छोड़ दिए जाते हैं और उनके वाहन भी वापस कर दिए जाते हैं।