CG Jashpur News: पति की हत्या, पहचान छुपाने पत्नी ने शव को पेट्रोल डालकर जलाया, नाबालिग भी गिरफ्तार...

CG Jashpur News: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में महिला व दो नाबालिग बच्चों को भी गिरफ्तार किया गया है।

Update: 2026-02-10 12:50 GMT

CG Jashpur News: जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तुरीटोंगरी में चार माह पहले मिली अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पत्नी ने ही पति की हत्या कर दी थी, फिर शव की पहचान छुपाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगा दिया था। इस पूरे घटना में तीन नाबालिगों ने भी साथ दिया था। मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों में 50 वर्षीय महिला, 17 वर्षीय बालिका और 15 वर्षीय बालक और 15 वर्षी बालिका शामिल है।

जानिए क्या था मामला

दरअसल, 18 दिसम्बर 25 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी में किसी व्यक्ति की अधजली शव मिली है, जिसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जल चूका था। सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले के संबंध में अवगत कराते हुए घटना स्थल तुरीटोंगरी रवाना हुए। जहां जाकर पुलिस ने पाया कि मृतक  के शव को जलाया गया था, जिसका शरीर-चेहरे सहित अधिकांश हिस्सा जल चुका था।

पुलिस ने पंचनामा कर जाँच में लिया। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में हत्या करने की बात सामने आई। सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 103(1) व 238(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। चूंकि शव अज्ञात था व शरीर का आधे से अधिक हिस्सा जल चुका था। शव की पहचान और आरोपियों की तलाश करना पुलिस के लिए चुनौती था। पुलिस के द्वारा शव की पहचान हेतु उसकी फोटो को आसपास के थानों/चौकियों में सर्कुलेट किया गया था। 

क्षेत्र में गुम इंसानों की जानकारी भी ली जा रही थी। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए, टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान माह दिसंबर 25 को मृतक महावीर राम भगत के भाई ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आकर संदेह व्यक्त किया कि मृतक महावीर राम भगत दिवाली के दिन ही घर से निकला था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। पति के गम होने के बाद भी उसकी पत्नी सुमित्रा भगत के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई।

मृतक महावीर राम भगत के परिजनों के द्वारा कहने पर सुमित्रा ने सिटी कोतवाली जशपुर में पति के गुम होने की सूचना दर्ज कराई थी। पुलिस के द्वारा जब जाँच की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक महावीर राम भगत व उसकी पत्नी के मध्य पारिवारिक रिश्ते सहीं नहीं थे। दोनों के बीच मारपीट होते रहती थी। आरोपिया सुमित्रा भगत, मृतक महावीर राम भगत से अलग अपने बच्चों के साथ जशपुर के मोहल्ले में रहती थी। इसी दौरान पुलिस व टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम को पता  मृतक महावीर राम भगत 18 अक्टूबर 25 को पत्नी के जशपुर स्थित घर में आया था।

डीएनए से मृतक की पहचान

मामले में पुलिस को संदेह होने पर पुलिस के द्वारा लाश के सेंपल व मृतक महावीर राम भगत के बच्चों के सेंपल लेकर उनका फोरेंसिक टेस्ट करते हुए डीएनए जांच कराया गया। टेस्ट रिपोर्ट में सैंपल मैच होना पाया गया। अधजली लाश गुम महावीर राम भगत की थी। पुलिस को मृतक की पत्नी सुमित्रा भगत पर संदेह हुआ। चूंकि घटना अंतिम बार मृतक अपनी पत्नी सुमित्रा भगत के पास जशपुर स्थित घर पर आया था, जिस पर जशपुर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपिया सुमित्रा भगत को हिरासत में लिया गया।

पत्नी ने की थी हत्या

पुलिस की पूछताछ पर आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो महिला ने हत्या करने की बात कबूल की। महिला ने बताया कि वो घरेलू काम करती है, उसका पति मृतक महावीर राम भगत मनोरा में अकेला रहता था। आए दिन दारू पीकर मारपीट करता था, जिसके कारण आरोपिया सुमित्रा भगत मृतक महावीर राम भगत से अलग जशपुर में रहती थी।

18 अक्टूबर 25 की सुबह करीब 8 बजे वह किसी काम से जशपुर में ही अपने घर से बाहर गई हुई थी। वापस लौटी तो देखी कि उसका पति महावीर राम भगत घर आया था। हाथ में एक छोटी गैंती भी थी, जिससे आरोपिया सुमित्रा भगत डर गई कि उसका पति मृतक महावीर राम भगत उसे मारने की नियत से आया है। इसके पूर्व भी वह आरोपिया को मारने की धमकी दे चुका था, इसी दौरान दोनों में वाद विवाद होने लगा। आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा आवेश में आकर मृतक महावीर राम भगत के हाथ से गैंती छीनकर उसके चेहरा और सिर में वार कर दिया, जिससे मृतक महावीर राम भगत जमीन पर गिर गया।

पहचान छुपाने शव को जलाया  

जबड़े से खून भी निकल रहा था, फिर पत्नी के द्वारा मृतक महावीर राम भगत की छाती में चढ़कर उसके गले को दबा दिया, जिससे उसकी मौत नहीं हुई थी। इस दौरान नाबालिक बेटियां घर में ही थी, उसकी नाबालिक बेटियों द्वारा घटना को करते देख उनके द्वारा अपनी मां के साथ मृतक महावीर राम भगत को मारकर उसके शव को एक कमरे में चादर से ढंककर रख दिए थे। रात को शव ठिकाने लगाने की नियत से आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा अपने पड़ोस में रहने वाले 15 वर्षीय नाबालिक बालक से मदद ली गई और रात करीब 10 से 11 बजे के मध्य आरोपिया सुमित्रा भगत व दो नाबालिक बालिकाओं व एक नाबालिक पड़ोसी बालक के साथ मिलकर, मृतक महावीर राम भगत के शव को लकड़ी के बल्ली से बांधकर ढोते हुए, तूरी टोंगरी जंगल में ले गए थे। शव की पहचान न हो सके इसके लिए शव को पेट्रोल डाल कर जला दिए थे।

पुलिस के द्वारा आरोपियों के अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। नाबालिग बालक व बालिकाओं को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।

एसएसपी जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई, एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए, तीन विधि से संघर्षरतबालक/बालिका सहित एक आरोपिया को गिरफ्तार किया है, जिन्हें क्रमशः बाल संप्रेषण गृह व आरोपिया पत्नी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।

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