सुसाइड केस में कांग्रेस नेता गिरफ्तार: सुसाइड नोट ने खोला युवक की संदिग्ध मौत का राज, जानिए क्या है पूरा मामला
Bhilai Suicide Case: मोहन रामटेके की आत्महत्या मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार किया है। वहीं उसकी महिला सहयोगी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
दुर्ग 31 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में मोहन रामटेके की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सुसाइ़ड नोट के आधार पर कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार किया है। वहीं उसकी महिला सहयोगी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। मोहन ने दोनों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर 28 मार्च को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। यह पूरा मामला स्मृतिनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मृतक मोहन रामटेके (42) कोहका हाउसिंह बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था, जिसकी लाश 28 मार्च की सुबह उसके ही किराए के मकान में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया था, जिसमें मोहन ने कांग्रेस नेता राजू पाल और सोनिया गोस्वामी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
सुसाइड नोट में क्या लिखा ?
मोहन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरी मौत को नजर अंदाज न करें क्योंकि राजू बोलता है कि पुलिस मेरी जेब में है क्योंकि हम नेता है। मेरा पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी जैसे लोगों को सजा दी जाए, जो आम आदमी को अपने झांसे में फंसाकर अपना फायदा उठाते हैं। आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि बिना किसी दबाव के कोई भी पुलिस कर्मी कोई फैसला न लें। पहले अपने घर जाकर अपने परिवार को देखे कि यह घटना उसके साथ हो तो क्या होगा।
मृतक के भाई ने क्या कहा ?
मृतक मोहन रामटेके के भाई नवीन रामटेके का इस मामले में कहना था कि मोहन का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था। मृतक की मां का भिलाई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है घटना वाले दिन ही उनका ऑपरेशन होना था। इसलिए परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में थे और मोहन घर पर अकेला था। शनिवार सुबह मकान मालिक ने जब पुलिस को इसकी सूचना दी तब मोहन के आत्महत्या करने की जानकारी मिली। उसने हत्या की आशंका जताई थी।
आखिर क्या थी मुख्य वजह ?
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरु की तो पता चला कि मोहन ने राजू पाल और सोनिया गोस्वामी से पैसे उधार लिए थे। उधारी की रकम वापस करने के लिए दोनों मोहन को धमका रहे थे, जिससे मोहन मानसिक रूप से प्रताड़ित हो गया था और इसी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। फिलहाल राजू पाल को गिरफ्तार कर लिया है और सोनिया गोस्वामी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
विशेष नोट- खुदकुशी करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर आपके या आपके किसी जान-पहचान वाले के मन में आत्महत्या का ख्याल आता है तो यह बेहद गंभीर है। इस इमरजेंसी की स्थिति में आप तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें। इसके अलावा टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल किया जा सकता है। यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे। क्योंकि, जान है तो जहान है।