राज्यसभा चुनाव: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM को अहम जिम्मेदारी, राज्यसभा चुनाव के लिए बनाए गए पर्यवेक्षक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सौंपी जिम्मेदारी
BJP Politics Rajyasabha Election: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा को भाजपा की राजनीतिक नजरिए से देखें तो अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है
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रायपुर।09 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा को भाजपा की राजनीतिक नजरिए से देखें तो अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान बिहार में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और समन्वय की निगरानी करेंगे। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया। डिप्टी सीएम की नियुक्ति को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
नीतीश कुमार ने दाखिल किया नामांकन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नीतीश के नामांकन दाखिल के साथ ही बिहारी की सियासत में यह तस्वीर भी साफ हो गई है, बिहार की प्रादेशिक राजनीति को अलविदा कर नीतीश कुमार एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है। हालांकि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से फिलहाल इस्तीफा नहीं दिया है, यह माना जा रहा है, नीतीश अब किसी भी वक्त यह ऐलान भी कर सकते हैं।
पढ़िए कौन-कौन हैं सीएम की दौड़ में
नीतीश कुमार के इस्तीफे के पहले से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं,उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। बिहार का अगला सीएम कौन, इसे लेकर अटकलबाजी लगाई जा रही है। प्रादेशिक राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में यह मुद्दा फिलहाल गरम है, कयास और अटकलबाजी का दौर भी जारी है। अटकलों में इस बात की भी चर्चा हो रही है, नीतीश के करीबी को सीएम की कुर्सी मिलेगी, स्वर्ण को सीएम की जिम्मेदारी मिल सकती है या फिर मौजूदा डिप्टी सीएम में से किसी एक को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
मप्र,राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर, नया चेहरा तो नहीं
मध्य प्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम के चेहरे को लेकर जिस तरह भाजपा ने विपक्षी और भाजपा के राजनीति को करीब से देखने और समझने वाले सियासी पंडित को चौंकाया था,कमोबेश उसी तर्ज पर बिहार में भी कोई नया चेहरा तो सामने नहीं आएगा। नया नाम सामने लाकर भाजपा के दिग्गज कहीं एक बार फिर सियासी पंडितों को चौकाएंगे तो नहीं। जिसकी चर्चा सियासी गलियारे में तेजी के साथ होने लगी है।