जेल वार्ड में कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट: मोबाइल और मिनरल वाटर तक पहुंच, दो जेल प्रहरी सस्पेंड
Ambikapur Central Jail: कैदी को मेडिकल आधार पर अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराने के बाद उसे स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। इस मामले में दो जेल प्रहरी को सस्पेंड कर दिया गया।
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अंबिकापुर 29 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में स्थित सेंट्रल जेल के कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला सामने आया है। कैदी को मेडिकल आधार पर अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराने के बाद उसके परिजनों को आने-जाने और रहने की भी अनुमती दे दी गई। इतना ही नहीं मोबाइल से लेकर मिनरल वाटर तक की सुविधा मिल रही थी। इस मामले में दो जेल प्रहरियों जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को सस्पेंड कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, गुरुबख्श सिंह (61) को हत्या की कोशिश के आरोप में मनेंद्रगढ़ जेल से अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। अंबिकापुर पहुंचते ही डॉक्टर ने उसे गंभीर रूप से बीमार बता दिया और जेल वार्ड में भर्ती कराने की सलाह दी। इसके बाद डॉक्टरों की ओर से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर जेल प्रशासन ने कैदी के परिजनों को अटेंडेंट के रूप में उसके साथ रहने और आने जाने की अनुमती दे दी।
कैदी को मिल रही थी स्पेशल ट्रीटमेंट
इसी छूट का फायदा उठाते हुए परिजन कथित तौर पर जेल नियमों की अनदेखी करने लगे। वे मोबाइल फोन लेकर वार्ड में आ जा रहे थे और कैदी को घर का खाना के साथ मिनरल वाटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे थे। यह स्थिति जेल नियमों के खिलाफ थी।
जेल सुपरिटेंडेंट ने लिया सख्त एक्शन
मामले की शिकायत जब जेल सुपरिटेंडेंट अक्षय सिंह राजपूत तक पहुंची, तो उन्होंने अस्पताल के जेल वार्ड का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वार्ड का ताला खुला मिला और नियमों के उल्लंघन की पुष्टी हुई। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात दो जेल प्रहरियों जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही कैदी के परिजनों को दी गई अटेंडेंट की अनुमती भी तत्काल से रद्द कर दी गई है। प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।