AI से निगरानी: रायपुर- बिलासपुर रोड पर दौड़ेगा एआई से लैस वाहन, हाइवे पर बढ़ेगी निगरानी

CG News: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) अब देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के काम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सड़कों पर बारीकी से निगाह रखी जाएगी, जिससे वाहनों की आवा- जाही अधिक सुरक्षित होगी।

Update: 2026-03-21 08:57 GMT

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

रायपुर। 21 मार्च 2026| राष्ट्रीय राजमार्ग का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है और ऐसे में सड़कों का रखरखाव, निगरानी का काम कठिन हो रहा है। इसे देखते हुए एनएचएआई ने संसाधन में महत्वपूर्ण तब्दीली का फैसला ले लिया है। अब वह दिन दूर नहीं, जब रायपुर- बिलासपुर मार्ग पर एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमता से संचालित होने वाले डैशक्ेम के साथ एनएचएआई के वाहन दौड़ते दिखेंगे। यह वाहन डैश कैम एनालिटिक्स सर्विसेज का उपयोग करेगा। इसके बाद पूरे हाइवे की निगरानी तकनीकी रूप से पूरी सक्षमता से की जा सकेगी। एनरएचएआई के अफसरों के अनुसार प्राधिकरण ने देशभर में 40 हजार किमी की सड़कों को इसके दायरे में लेने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ में रायपुर- बिलासपुर के अलावा मुंबई- कोलकाता को जोड़ने वाले हाइवे पर भी इस वाहन का उपयोग हो सकता है। सभी हाइवे पर डैश कैम से लैस वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन वाहनों में एआई के साथ मशीन लर्निंग (एमएल) भी रहेगा। इस तकनीक का इस्तेमाल देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे पर होगा। इसके जरिए उच्च तकनीक का उपयोग कर डेटा आधारित सड़क रखरखाव का काम शुरू किया जा सकेगा।

अफसरों ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि हाई-रिजॉल्यूशन इमेजरी और वीडियो डेटा एकत्रित कर हाइवे पर दूर- दूर तक सड़कों को ट्रैक किया जा सकेगा, इससे मिलने वाले डेटा के आधार पर सड़कों की हालत या कमियों का आंकलन किया जाएगा। फिलहाल यह तकनीक एनएचएआई के सभी हाइवे पर व्यापक साप्ताहिक सर्वेक्षण करने वाले सभी मार्ग गश्ती वाहनों (आरपीवी) पर लगाई जाएगी। इस विशेष तरक के डैश बोर्ड कैमरों से हाइवे पर 30 तरह की गड़बडि़यों या विसंगतियों पर लगातार निगाह रखी जा सकेगी। एआई और एमएल के जरिए नतीजे देने वाली रिपोर्ट हासिल की जा सकेगी। इसके आधार पर हाइवे की खामी को तत्काल ठीक किया जा सकेगा अथवा हाइवे पर हादसों से पैदा होने वाले अवरोधों को दूर करने में मदद मिलेगी। इससे हाइवे पर हादसों की संख्या कम होने की उम्मीद है।

खराब सड़कों से लेकर लेन मार्किंग पर नजर-

वाहनों पर लगने वाले विशेष डैश कैमरे से सड़कों पर बनने वाले गड्ढों, दरारों का पता लगाया जा सकेगा। इतना ही नहीं, हाइवे पर बनाई जाने वाली लेन मार्किंग, बैरियर और स्ट्रीट लाइन पर आसानी से निगाह रखी जा सकेगी। टूटे बैरियर, धुंधली हो रही लेन मार्किंग और बंद स्ट्रीट लाइटों की रिपोर्ट तत्काल मिलेगी। इससे समस्या का समाधान समयसीमा के भीतर कर निगरानी करने में अत्याधुनिक मदद मिलेगी। हाइवे पर बनने वाले अवैध डिवाइडर, डिवाइर की अवैध ओपनिंग, अवैध साइन बोर्ड या हाइवे पर बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं का भी डाटा व फोटो डैश कैमरे के जरिए मिल सकेंगे। बारिश के मौसम में हाइवे पर जल जमाव की हालत होने पर तत्काल सूचना आएगी और उसका निदान किया जा सकेगा।

पांच जोन से निगाह-

एनएचएआई ने देशभर में इस तकनीक का उपयोग करने के लिए पांच जोन बनाने का फैसला किया है। इन जोनों को व्यवस्थित तरीके से एआई आधारित डेटा, एनालिटिक्स सहित सभी जानकारी वाहनों के माध्यम से मिलती रहेगी। इस प्लेटफार्म को आने वाले समय में और विकसित किया जाएगा।

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