वन मंडल में हाथियों की मौत, कहीं साजिश तो नहीं? वन्यजीव प्रेमी व हाथी विशेषज्ञ ने उठाए गए गंभीर सवाल...
CG Wildlife News: छत्तीसगढ़ का रायगढ़ वन मंडल हाथियों के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है। हाथियों की हो रही लगातार मौत को लेकर अब हाथी विशेषज्ञ व वन्यजीव प्रेमी ना केवल चिंता कर रहे हैं, साथ ही सवाल भी खड़ा कर रहे हैं।
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रायपुर।13 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ का रायगढ़ वन मंडल हाथियों के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है। हाथियों की हो रही लगातार मौत को लेकर अब हाथी विशेषज्ञ व वन्यजीव प्रेमी ना केवल चिंता कर रहे हैं, साथ ही सवाल भी खड़ा कर रहे हैं। एक अहम सवाल ये, कहीं व्यस्क होकर समस्या ना बन जाए या समस्या ना खड़ी करे,इसलिए शावकों को करंट या फिर अन्य तरीकों से मौत के घाट उतारा जा रहा है।
रायगढ़ वन मंडल के आंकड़े चौंकाने वाले
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन मंडल, हाथी शावकों की मौत का गढ़ बन गया है। वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में कुल 15 हाथियों की मौत हुई थी। जिनमें से 6 हाथी शावकों की मौत में पानी में डूबने से हो गई थी। कुल मौत में से 40% हाथी की मौत डूबने से हुई,। ये भी शावक थे। रायगढ़ वन मंडल में मौत का आंकड़ा और भी भयावह है। 25 फीसदी हाथी शावकों की मौत अकेले रायगढ़ वन मंडल में हुई है।
करंट से हुई मौत
हाल ही में दो और हाथी शावकों के शव रायगढ़ में कुरकुट नदी में पाए गए। बताया जा रहा है, नदी पार करते वक्त नदी में पानी खींचने के लिए लगाए गए मोटर पंप में करंट के कारण दोनों शावकों की मौत हो गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 महीने में रायगढ़ वन मंडल में 6 हाथी शावकों की मौत हुई है।
एक सवाल ऐसा भी
वन्य प्राणि विशेषज्ञ नितिन सिंघवी ने कहा, हाथी शावकों की इतनी मौतें अकेले रायगढ़ वन मंडल में ही क्यों हो रही है? वह भी तब जब कि वन विभाग हाथी मित्र दलों से हाथियों की चौबीस घंटे मॉनिटरिंग का दावा करता है। इसे लेकर वन्यजीव प्रेमियों ने चिंता जाहिर की है, रायगढ़ में ही हाथी शावकों की मौत क्यों हो रही है क्या इन्हें जानबूझ कर तो नहीं मारा जा रहा है, ताकि ये व्यस्क होकर समस्या न बने।