NPG बड़ी खबर: CG के 33 में से 30 जिलों में घट गई धान खरीदी, जिस जिले में कम उत्पादन वहां ज्यादा खरीदी
CG Paddy News: छत्तीसगढ़ में बीते तीन सालों की तुलना में इस बार ज्यादातर जिलों में धान की खरीदी कम हुई है। केवल दो जिलों बलरामपुर में ज्यादा धान खरीदा गया है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों इलाकों में धान कम होता है।
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रायपुर।17 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के बीच ये सरकारी आंकड़े सामने आए हैं। ये सभी आंकड़े खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदस्यों के सवालों के जवाब में दिए हैं। बलरामपुर में धान खरीदी के सीजन में धान तस्करी के कई मामले पकड़े गए थे। इसके बाद भी वहां पर अधिक धान खरीदी हो गई। जबकि रायपुर, महासमुंद और जांजगीर चांपा जैसे ज्यादा धान उत्पादन वाले जिलों के किसान भी धान बेचने में पीछे रह गए। रोचक बात यह है कि बलरामपुर में बीते तीन सालों की तुलना में इस बार अधिक धान खरीदा गया है। बलरामपुर में वर्ष 2023-24 में 258598 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, इसके अगले वर्ष 297036 मीट्रिक टन धान खरीदी की जानकारी दी गई है। जबकि इस साल वहां से 302523 मीट्रिक टन की खरीदी की गई है। इसी तरह बस्तर में तीन सालों में क्रमश: 245227, 276082 और 281743 मीट्रिक टन अर्थात यहां भी इस साल ही सबसे अधिक धान की खरीद हो चुकी है।
रायपुर में बीते साल 699748 मीट्रिक टन धान किसानों ने बेचा था, इस साल यह आंकड़ा गिर कर 666244 मीट्रिक टन रह गया है। महासमुंद में धान खरीदी में मामूली गिरावट देखी गई है। वहां बीते साल 1104273 और इस साल 1019568 मीट्रिक टन धान का आंकड़ा आया है। जांजगीर चांपा में बीते वर्ष 632803 मीट्रिक टन की तुलना में इस साल 616764 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, मतलब यहां भारी गिरावट देखी गई है। जिन जिलों में धान खरीदी में भारी गिरावट देखी गई है उनमें रायगढ़, सक्ती, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, जशपुर और सरगुजा जिले शामिल हैं। यहां पर तीन से पांच-छह लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कम हुई है। इस तरह राज्य में देखें तो बीते वर्ष कुल 14925032 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था और इस साल यह आंकड़ा 14104366 मीट्रिक टन पर आ गया है, मतलब करीब आठ लाख मीट्रिक टन पूरे प्रदेश में कम खरीदी हुई है। अधिकारी इसके पीछे कारण बताते हैं कि इस बार जमाखोरी और धान की तस्करी रोकने के कारण गैरकिसानों का धान नहीं बिक सका, केवल वास्तविक किसानों से धान की खरीदी की गई है।
पूरे धान खरीदी तक 9 बर्खास्त और 34 सस्पेंड
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष धान खरीदी सीजन में सबसे अधिक अनियमितता रायपुर जिले में 31 केंद्रों में पायी गई। इसी तरह बिलासपुर में 26 केंद्रों में गड़बड़ी मिली। इसके अलावा दुर्ग में 11, जगदलपुर में पांच, अंबिकापुर में सात और रायगढ़ में एक धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी साबित हुई। इस पर प्रदेशभर में नौ कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इनकी इसमें संलिप्तता पायी गई। जबकि सात लोगों को शिकायत आने पर धान खरीदी के काम से हटा दिया गया। प्रदेशभर में कुल 34 लोग सस्पेंड किए गए, जिनमें से सर्वाधिक 12 बिलासपुर जिले के हैं। रायपुर के आठ, दुर्ग के सात, जगदलपुर के दो, अंबिकापुर के चार और रायगढ़ का एक कर्मचारी सस्पेंड किया गया है। अनियमितता पर पुलिस में 29 प्रकरण दर्ज कर लिए गए हैं। खाद्य मंत्री ने जानकारी दी है कि धान के स्कंध में 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक कमी पाई जाती है तो केंद्र प्रभारी को कारण बताओ नोटिस दिय जाता है। एक से दो प्रतिशत तक कमी होने पर विभागीय जांच और 2 प्रतिशत से अधिक कमी पर केंद्र प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच के साथ एफआईआर दर्ज की जाती है। धान में कमी पर स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी की अंतिम तिथि के बाद समितियों को 0.1 प्रतिशत तथा 31 मार्च 2025 की स्थिति में शेष धान पर 0.15 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य के आधार पर सूखत प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी नीति में उपार्जन केंद्र स्तर पर सूखत मान्य नहीं है।
बिलासपुर के चार राइस मिल में गड़बड़ी
तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने राइस मिलों की जांच का मामला उठाया था। इसके लिखित जवाब में खाद्य मंत्री बघेल ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बिलासपुर जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग राइस मिलरों के माध्यम से कराई जा रही है। शासन द्वारा 118 राइस मिलों का सत्यापन किया गया, जिसमें चार राइस मिलों गायत्री फूड प्रोडक्ट केशला बिल्हा, बालकिशन फूड्स खपरी तखतपुर, श्री हरिकिशन फूड्स करगी रोड कोटा और अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट सिरगिट्टी में गड़बड़ी पाई गई।