CG क्राइम अपडेट: सट्टा सिंडिकेट पर बड़ा वार! इनामी आरोपी योगेंद्र शर्मा की अग्रिम जमानत खारिज, पुलिस की दबिश तेज

Mungeli Satta Case: जिला सत्र न्यायालय मुंगेली ने सट्टा पट्टी जुआ रैकेट के मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी है।

Update: 2026-02-18 18:22 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

मुंगेली, 18 फरवरी 2026। जिला सत्र न्यायालय मुंगेली ने सट्टा पट्टी जुआ रैकेट के मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी है। न्यायाधीश गिरजा देवी मेरावी ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और संगठित जुआ सिंडिकेट में एक्टिव भूमिका को देखते हुए यह फैसला सुनाया है। मामला थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 174/2025, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत दर्ज है।

लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने शासन पक्ष की पैरवी की। ठाकुर ने इससे पहले भी योगेंद्र शर्मा की एक जमानत याचिका जिला न्यायालय से खारिज कराई थी।

कैसे पकड़ में आया सिंडिकेट

पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक 2 नवंबर 2025 को थाना चिल्फी पुलिस ने ग्राम रैतरा खुर्द में हनुमान मंदिर के निकट छापा मारा। आरोपी संजय साहू मौके पर आम लोगों को रुपये का लालच देकर सट्टा पट्टी जुआ खिला रहा था। पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

तलाशी में साहू के पास से 75,700 नकद, सट्टा पट्टी के दस्तावेज़, एक पेन और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि व्हाट्सएप के ज़रिए अंकों में सट्टा संचालित किया जा रहा था।


पूछताछ में अहम बात सामने आई

संजय साहू सट्टे से जुटाई रकम का 7 फ़ीसदी कमीशन सीधे योगेंद्र शर्मा को देता था। वित्तीय लेन-देन का यह पैटर्न और अपराध की बार-बार पुनरावृत्ति  इन दोनों आधारों पर पुलिस ने मामले को संगठित अपराध की श्रेणी में दर्ज किया।

जांच में सामने आए तथ्य

आरोपी और सह-आरोपियों के बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। योगेंद्र शर्मा के खिलाफ़ जुआ अधिनियम के अलावा अन्य धाराओं में भी कई प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी डिजिटल पेमेंट और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यमों का इस्तेमाल कर एक सुनियोजित सट्टा नेटवर्क चला रहा था।

आरोपी फरार, 1,000 का इनाम घोषित

योगेंद्र शर्मा लंबे समय से फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल (IPS) पहले ही उसकी गिरफ्तारी पर 1,000 के नकद इनाम की घोषणा कर चुके हैं। जिले में आरोपी के पोस्टर भी चस्पा कराए गए थे। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस के पास अब गिरफ्तारी की पूर्ण वैधानिक स्वतंत्रता है। संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है।

Tags:    

Similar News