Kabirdham Crime: 15 लाख का धान गबन, शासन को चूना लगाने वाला केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, 119 बोरा धान जब्त
Kabirdham Crime: छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन केंद्र में गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रभारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 119 बोरा धान जब्त किया है।
Kabirdham Crime: कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख के धान गबन मामले में प्रभारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 119 बोरा धान जब्त किया है। यह मामला कुकदूर थाना क्षेत्र का है और आरोपी का नाम अमित बाजपेयी है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, जिले में आर्थिक अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण व थाना प्रभारी कुकदूर संग्राम सिंह के नेतृत्व में धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर में हुए गबन के गंभीर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
बीते 16 जनवरी को शिकायतकर्ता आलोक मिश्रा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव द्वारा लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि संयुक्त जांच दल द्वारा धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। विपणन वर्ष 2025-26 में 20 नवम्बर 2025 से 2. जनवरी 2026 तक कुल 43598.00 क्विंटल धान खरीदा गया था, जिसमें से 1500.00 क्विंटल का उठाव हुआ था। इस प्रकार 42098.00 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। जांच में भौतिक सत्यापन के दौरान केवल 41470.00 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया तथा 628.00 क्विंटल पतला धान कम पाया गया, जिसकी कीमत 15,00,292 रुपये है।
जांच में पाया गया कि उक्त अवधि में आरोपी अमित बाजपेयी 43 वर्ष धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर के प्रभारी थे। आरोपी के द्वारा शासन को आर्थिक हानि पहुंचाते हुए अमानत में खयानत की गई। रिपोर्ट पर थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 318(4), 316(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान प्रकरण से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। प्रार्थी व जांच दल के सदस्यों के कथन लिए गए और आरोपी से पूछताछ की गई। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर 19 जनवरी 2026 को आरोपी अमित बाजपेयी को गिरफ्तार किया गया। मामले में आरोपी अमित वाजपई से अलग से छुपाकर रखे गए 119 बोरा धान को आरोपी के कब्जे से जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाकर रिमांड पर भेजा दिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक 245 विरेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक 262 मनोज तिवारी, आरक्षक 503 संदीप पाण्डेय शामिल रहे।