CG Urban Development: बिलासपुर को मिलेगा तीन फ्लाईओवर समेत कई सौगातें! हाई पावर मीटिंग में लगेगी मुहर

CG Urban Development: सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में बिलासपुर को आज बड़ी सौगात मिल सकती है। तमाम अटकी परियोजनाओं के साथ सात सौ करोड़ से अधिक विकास कार्य पर मुहर लगने की संभावना है।

Update: 2026-01-06 05:46 GMT

CG Urban Development: बिलासपुर। विष्णु सरकार ने शहरों में लंबित प्रोजेक्ट को गति देने का फैसला किया है। इसके लिए सभी शहरों की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी मंगाई जा रही है। इसमें से सबसे पहले बिलासपुर का नंबर लगा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ बिलासपुर जिले के चारों विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला की मौजूदगी में प्रस्तावों पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे को भी बुलाया गया है।

खबर है कि बिलासपुर की सकरी सड़कों को देखते हुए तीन नए फ्र्लाईओवर का फैसला लिया जा सकता है। इनमें से एक रायपुर रोड से आकर राजीव गांधी चौक से होकर नेहरु चौक होते हुए महामाया चौक तक वाई शेप में जाएगा। इसका एक छोर रतनपुर की ओर मुड़ जाएगा और दूसरा सीपत जाएगा। इस तरह से मुख्य मार्ग पर फ्लाईओवर बन जाने से यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। शहर के बीच भी यातायात का दबाव कम करने के लिए इमलीपारा से जगमल चौक तक नया फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव अफसरों ने तैयार किया है। इमलीपारा, पुराना बस स्टैंड चौक पर यातायात का काफी दबाव रहता है। यातायात पुलिस हर तरह के उपाय कर चुकी है, मगर नतीजा नहीं निकल रहा है। इसका कारण यह है कि सड़कों का चौड़ा करने का विकल्प खत्म हो चुका है और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा तारबाहार रेलवे क्रासिंग पर आरओबी का प्रस्ताव है। तारबाहार इलाके में अक्सर सुबह और शाम को जाम लग जाता है। इसके बनने से एक बड़ी समस्या का हल हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि तीनों फ्लाईओवर का मंजूरी दे दी जाएगी। अभी यह प्रोजेक्ट शुरू होता है तो आगामी छह- सात वर्ष में फ्लाई ओवर बन कर तैयार हो जाएंगे। माना जा रहा है कि बिलासपुर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार काफी पहले हो जाना था, इसमें देर हो चुकी है। रायपुर रोड पर सबसे पहले एक ओवर ब्रिज बनाया गया था, यह तकनीकी रूप से गलत साबित हुआ। इसे सुधारने के लिए उसके समानांतर दूसरा ब्रिज बनाया गया है, जो राजीव गांधी चौक तक जाता है। इससे शहर की ओर आने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिली है।

शहर में विकास के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा मिल कर एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें मुख्य रूप से यातायात, पार्किंग, ड्रेनेज सिस्टम, अरपा नदी पर अतिरिक्त पुलों का निर्माण और सामुदायिक भवनों का प्रस्ताव शामिल है। विधायकों से बैठक में सुझाव लिए जाएंगे और उसके आधार पर फैसला होगा। बताया जाता है किे मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अफसरों को भी बैठक में बुलाया है, ताकि प्रस्ताव के साथ फंड का भी फैसला तत्काल लिया जा सके। पूरी प्रक्रिया होने के बाद बड़े प्रोजेक्ट के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया जाएगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों के विकास पर अपना फोकस बढ़ाने जा रही है। इसके प्रथम चरण में शहर वाइज हाई प्रोफाइल मीटिंग कर समझने का प्रयास किया जाएगा कि वहां की बुनियादी जरूरतें क्या हैं...शहर का सौंदर्य कैसे बढ़ाया जा सकता है।

इसके लिए सबसे पहले बिलासपुर को चुना गया। बिलासपुर की बैठक विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में होनी थी, मगर अपरिहार्य कारणों से ऐसा हो नहीं पाया। ये बैठक अब कल सुबह 11 बजे मंत्रालय में होगी। इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम और बिलासपुर के प्रभारी अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, चारों विधायक और कलेक्टर, एसएसपी मौजूद रहेंगे।

सरकार ने बिलासपुर के कलेक्टर, एसएसपी से पहले ही शहर के विकास कार्यो और जरूरतों की एक लिस्ट मंगा ली है। इस बैठक में मंत्रालय के कई विभागों के सचिव के साथ वित्त सचिव मुकेश बंसल भी रहेंगे। अफसरों को इसलिए बैठक में बुलाया गया है कि फाइलों में अगर कोई मामला अटका हो, तो उसका मीटिंग में निराकरण करने की पहल हो जाए।

मुख्यमंत्री सचिवालय ने बिलासपुर के अटके प्रोजेक्टों का डिटेल भी मंगाया है। बैठक में अफसरों से पूछा जाएगा कि किस कारण परियोजनाएं रुकी है। अगर फंड की दिक्कत होगी तो उसके लिए प्रयास किया जाएगा। बढ़ती जनसंख्या को देखते किस तरह शहरों का विस्तार किया जाए, प्रॉपर नाली, पेयजल की व्यवस्था है या नहीं...ऐसे मसलों पर भी बात होगी।

कलेक्टर को कहा गया है कि वे अपने साथ नगर निगम आयुक्त के साथ ही नगर निवेश और निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों को लेकर आएं। एसएसपी अपने साथ यातायात का प्लान लेकर आएंगे ताकि आम आदमी को ट्रैफिक और जाम से निजात दिलाने क्या किया जा सकता है।

इस तरह की पहली बैठक

शहरों के विकास के लिए इस तरह की हाई प्रोफाइल बैठक प्रदेश में कभी नहीं हुई। नगरीय प्रशासन विभाग की बैठकों में छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास को लेकर बातें होती थीं। मगर एक-एक शहर के विकास के लिए इस तरह की मीटिंग पहली बार हो रही है। वो भी मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री, विभागों के सचिव, कलेक्टर और एसपी के साथ। पहली बार विकास से जुड़ी किसी बैठक में पुलिस अधीक्षक को भी बुलाया गया है। बैठक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मौके पर ही क्लियर हो जाएगा कि कहां पर क्या प्रॉब्लम है और क्या होना चाहिए।

जरूरत की दृष्टि से इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने बताया कि शहरों पर पॉपुलेशन का लोड बढ़ रहा है। उस हिसाब से शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। मीटिंग में इस पर चर्चा की जाएगी। बैठक के इनपुट्स के आधार पर शहरों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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