CG School News: ये है शिक्षा मंत्री के गृह जिले के स्कूलों का हाल: कमरा एक और क्लास दो, पढ़िए डीईओ ने क्या कहा

CG School News: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले में सरकारी स्कूलों में अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था का जायजा लेना है तो मालवीय नगर चले जाइए। पंडिम मदन मोहन मालवीय स्कूल कैम्पस में गुरुनानक प्राइमरी स्कूल भी संचालित हो रही है।

Update: 2026-02-03 07:50 GMT

इमेज सोर्स- NPG News

3 फरवरी 2026| दुर्ग। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले में सरकारी स्कूलों में अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था का जायजा लेना है तो मालवीय नगर चले जाइए। पंडिम मदन मोहन मालवीय स्कूल कैम्पस में गुरुनानक प्राइमरी स्कूल भी संचालित हो रही है। कमोबेश बीते चार साल से। जिस स्कूल में हेड मास्टर का अपना खुद का ऑफिस ना हो, तब आप अंदाज लगा सकते हैं कि बच्चे कहां और कैसे बैठकर पढ़ाइ करते होंगे और शिक्षक क्या पढ़ाते होंगे।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मालवीय नगर में पं. मदन मोहन मालवीय प्राइमरी स्कूल कैम्पस में बीते चार साल से गुरुनानक प्राइमरी स्कूल भी लग रही है। तीन कमरों का स्कूल है। पहली से पांचवीं तक पांच क्लास के बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल तीन कमरे। हेड मास्टर बगैर ऑफिस के कामकाज संभालते हैं और शिक्षक स्टाफ रूम के बजाय खाली समय में कैम्पस में टहलते नजर आते हैं। ना हेड मास्टर का ऑफिस और ना ही शिक्षकों के बैठने के लिए स्टॉफ रूम। कल्पना करिए बच्चे कहां बैठकर पढ़ाई करते होंगे और क्या पढ़ते होंगे। शिक्षकों की ओर नजर डालते हैं, क्या पढ़ाते होंगे और कैसे बच्चों को मैनेज करते होंगे। पढ़ाई के नाम पर अव्यवस्था और बच्चों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़। तीन कमरा और पांच क्लास। एक कमरे में दो क्लास लग रही है। स्कूल के दस्तावेजों को रखने के लिए खरीदे गए आलमारी को पार्टिशन कर एक को दो क्लास बनाकर बच्चों की पढ़ाई करा जा रही है।

हेडमास्टर रतिदास सिरमौर ने बताया कि गुरुनानक प्राथमिक शाला पहले अपने खुद के भवन में संचालित होती थी। वहां छत का छज्जा गिरने के बाद भवन का मेंटेनेंस कराने के बजाय स्कूल खाली करने का आदेश आ गया। इसके बाद स्कूल को दीपक नगर के परिसर में शिफ्ट कर दिया गया। बीते चार साल से तीन कमरों में ही प्राइमरी स्कूल संचालित की जा रही है।

हेडमास्टर रतिदास सिरमौर ने अक्टूबर 2025 में स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अस्थायी व्यवस्था की मांग करते हुए छात्र-स्टाफ की समस्याओं से अवगत कराया था। पत्र में नए भवन निर्माण की मांग भी की गई थी, लेकिन आज तक न तो कोई जवाब मिला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। स्कूल में केवल तीन का स्टाफ। हेडमास्टर तीसरी कक्षा पढ़ाते हैं, एक शिक्षक चौथी और पांचवीं कक्षा संभालते हैं, जबकि एक शिक्षिका पहली और दूसरी कक्षा को एक साथ पढ़ाती हैं।

क्या कहते हैं डीईओ

डीईओ अरविंद मिश्रा का कहना है, स्कूल भवन के छत का छज्जा गिरने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। जो वर्तमान में दीपक नगर में संचालित है। दो कमरों के मरम्मत का प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही राशि स्वीकृत होगी,मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।

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