CG विधानसभा बजट सत्र 2026: गंदा पानी पी रहे राजधानी के लोग, गलत डीपीआरबनाने वाले अफसर पर कार्रवाई की मांग को लेकर गरमाया सदन...

CG Vidhansabha Budget Session 2026: CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले आम पब्लिक से लेकर खास लोगों के लिए यह डरावनी खबर है। लोगों के घरों में नलों के जरिए जा रहा पानी दूषित है और गंदा है। नाले का गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है और यही पानी नलों के जरिए लोगों के घरों में आ रहा है।

Update: 2026-02-25 13:15 GMT

npg.news

रायपुर| 25 फरवरी 2026| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले आम पब्लिक से लेकर खास लोगों के लिए यह डरावनी खबर है। लोगों के घरों में नलों के जरिए जा रहा पानी दूषित है और गंदा है। नाले का गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है और यही पानी नलों के जरिए लोगों के घरों में आ रहा है। विधायक राजेश मूणत ने यह सवाल उठाया। प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने मंत्री से पूछा,गलत डीपीआर बनाने वाले अफसर के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं।

विधायक राजेश मूणत ने खारून में नाले के गंदे पानी को छोड़े जाने का गंभीर मुद्दा उठाया। खारुन में गंदा पानी जा रहा है,इसकी जिम्मेदारी किसकी है, सात एकड़ सरकारी जगह होने के बाद आठ किलोमीटर दूर डीपीआर बनाने की जरुरत क्यों पड़ गई। डीपीआर किसने बनाया है। विधायक मूणत से मंत्री से पूछा कि डीपीआर बनाने वाले अफसर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे क्या।

ये है विधायक राजेश मूणत के सवाल

क्या यह सत्य है खारून नदी के पास 81.88 करोड़ रुपये व्यय कर 75 एम.एल.डी. क्षमता के घरेलू दूषित जल उपचार संयंत्र STP के पूर्ण रूप से क्रियाशील होने के बाद भी चिंगरी तथा पीहर नाले से आ रहा गंदा पानी नदी के निर्मल जल को प्रदूषित कर रहा है? यदि हां तो क्यों तथा इसे रोकने के लिए क्या उपाय किये गए?

चिंगरी तथा पीहर नाले से आ रहे गंदे तथा दूषित पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए नगर निगम रायपुर द्वारा रुपये 11 करोड़ की कार्य योजना नगरीय प्रशासन विकास विभाग को पिछले 1 वर्षों से भेजे जाने के बाद भी स्वीकृति हेतु लंबित है? यदि हां क्यों तथा स्वीकृति कब तक दी जावेगी ?

 मंत्री साव ने दिया ऐसा जवाब

मंत्री अरुण साव ने बताया, खारून नदी के पास 81.88 करोड़ रुपये व्यय कर 75 एम.एल.डी. क्षमता के घरेलू दूषित जल उपचार संयंत्र (एस.टी.पी.) का निर्माण किया गया है जो कि पूर्ण रूप से क्रियाशील है। चिंगरी नाला का दूषित जल नाले में बनाये गये पिकअप वियर से ओवर फ्लो होकर नदी में प्रवाहित हो जाता है। चिंगरी नाला का लाइनिंग तथा अप्रोच मार्ग नहीं होने से शिल्ट सफाई की समस्या, वियर की कम ऊंचाई तथा वृहद मात्रा में प्लास्टिक सॉलिड वेस्ट प्रवाहित होकर पिकअप वियर के मुहाने को बाधित करने से ओवर फ्लो की स्थिति निर्मित हो रही है। इस हेतु मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की अध्यक्षता में समिति का गठन कर प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है।

दूषित पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए 11 करोड़ की कार्ययोजना तैयार

मंत्री साव ने बताया, चिंगरी तथा पीहर नाले से आ रहे गंदे तथा दूषित पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए नगर निगम रायपुर द्वारा रूपये 11 करोड़ की कार्य योजना तैयार की गयी है। उक्त प्रस्ताव के परीक्षण हेतु मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा स्थल निरीक्षण उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुक्रम में नगर पालिक निगम रायपुर से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत आगामी कार्यवाही की जाएगी।

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