70 सहायक प्राध्यापकों का कामकाज नहीं मिला संतोषजनक, बढ़ाई गई परीविक्षा अवधि, पढ़ें पूरी खबर...

CG News: उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय महाविद्यालयों में सीजीपीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती के माध्यम से सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के बाद तीन वर्ष की परीविक्षा अवधि की शर्त पर ज्वाइनिंग दी गई थी। तीन वर्ष की अवधि पूरा होने से पहले विभाग ने गहन परीक्षण किया। देखिए कितने सहायक प्राध्यापकों की परीविक्षा अवधि को संतोषजनक और कितने के काम को मापदंडों के अनुरुप नहीं माना गया है।

Update: 2026-03-27 11:42 GMT

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रायपुर। 27 मार्च 2026|उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय महाविद्यालयों में सीजीपीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती के माध्यम से सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के बाद तीन वर्ष की परीविक्षा अवधि की शर्त पर ज्वाइनिंग दी गई थी। तीन वर्ष की अवधि पूरा होने से पहले विभाग ने गहन परीक्षण किया। 872 सहायक प्राध्यापक परीविक्षा अवधि समाप्ति हेतु अनुशंसा की गई, 68 सहायक प्राध्यापक को परिभ्रमण में रखा गया तथा 70 सहायक प्राध्यापक की गोपनीय प्रतिवेदन में समिति की शर्तों के अनुरूप न होने के कारण परीविक्षा अवधि में वृध्दि करने की अनुशंसा की गई। (53 सहायक प्राध्यापकों की 01 वर्ष एवं 17 सहायक प्राध्यापकों की 02 वर्ष)

सिलसिलेवार पढ़िए, बैठकों में क्या हुआ

पहली बैठक 26 फरवरी 2026 एवं 27 फरवरी 2026 को वर्ष 2022 से पूर्व में नियुक्त 10 सहायक प्राध्यापक तथा माह जनवरी-2022 एवं फरवरी-2022 में नियुक्त 338 सहायक प्राध्यापक कुल 348 प्रकरणों का परिक्षण किया गया, जिसमें 307 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परीविक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 15 सहायक प्राध्यापक ऐसे हैं, जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण है वे पूर्ति कर देगें तो पात्र माने जायेंगें। इन्हें अभी परिभ्रमण में रखा गया है। 26 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पाये गये एवं समिति द्वारा उनका परीविक्षा अवधि समाप्त नहीं किये जाने की अनुशंसा की गई।

दूसरी बैठक 10 मार्च 2026 एवं 11.मार्च 2026 को माह मार्च-2022 से मई-2022 में नियुक्त कुल 572 प्रकरणों का परिक्षण किये जाने हेतु आयोजित किया गया, जिसमें 497 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परीविक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 39 सहायक प्राध्यापक ऐसे है जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण है वे पूर्ति कर देगें तो पात्र माने जायेंगें। इन्हे अभी परिभ्रमण में रखा गया है। 36 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पाये गये एवं समिति द्वारा उनका परीविक्षा अवधि समाप्त नहीं किये जाने की अनुशंसा की गई।

तीसरी बैठक 17.मार्च 2026 को माह जून-2022 से दिसंबर-2022 में नियुक्त कुल 90 प्रकरणों का परिक्षण किये जाने हेतु आयोजित किया गया, जिसमें 68 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परीविक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 14 सहायक प्राध्यापक ऐसे है जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण है वे पूर्ति कर देगें तो पात्र माने जायेंगें। इन्हे अभी परिभ्रमण में रखा गया है। 08 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पायेगये एवं समिति द्वारा उनका परीविक्षा अवधि समाप्त नहीं किये जाने की अनुशंसा की गई।

70 सहायक प्राध्यापकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं, बढ़ाई गई परीविक्षा अवधि

05 बैठकों में कुल 1010 परिवीक्षाधीन सहायक प्राध्यापकों के संबंध में परीक्षण किया गया, जिसमें कुल 872 सहायक प्राध्यापक परीविक्षा अवधि समाप्ति हेतु अनुशंसा की गई, 68 सहायक प्राध्यापक को परिभ्रमण में रखा गया तथा 70 सहायक प्राध्यापक की गोपनीय प्रतिवेदन में समिति की शर्तों के अनुरूप न होने के कारण परीविक्षा अवधि में वृध्दि करने की अनुशंसा की गई। (53 सहायक प्राध्यापकों की 01 वर्ष एवं 17 सहायक प्राध्यापकों की 02 वर्ष)

65 सहायक प्राध्यापकों का पुलिस वेरीफिकेशन प्रमाण-पत्र नहीं मिला

65 सहायक प्राध्यापकों का पुलिस वेरीफिकेशन प्रमाण-पत्र अप्राप्त है। 04 सहायक प्राध्यापकों के द्वारा सेवा से त्याग-पत्र दे दिया गया है तथा 01 सहायक प्राध्यापक की मृत्यु हो गई है। शेष 28 सहायक प्राध्यापकों का वर्ष 2025 का गोपनीय प्रतिवेदन विभाग को अप्राप्त है।

देखिए 70 प्राध्यापकों की सूची, जिनको दोबारा परीविक्षा अवधि में करना होगा काम

उच्च शिक्षा विभाग का आदेश जिसमें 70 सहायक प्राध्यापकों के कार्य को संतोषजनक नहीं माना गया है, इन्हें दो व एक वर्ष की परीविक्षा अवधि दोबारा पूरी करनी होगी। राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, अंग्रेजी, भौतिक शास्त्र, प्राणी शास्त्र, भूगोल,वाणिज्य, इतिहास, वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक हैं जिनको दोबारा परीविक्षा अवधि में अपने काम पर खरा उतरकर दिखाना होगा।

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