CG Cabinet Meeting: कैबिनेट की बैठकों में ठलहा अफसरों को CS विकास शील की कठोर नसीहत, सिर्फ ये अफसर ही मौजूद रहें, पूर्व CS के लेटर का दिया हवाला
CG Cabinet Meeting News: छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में कई ठलहा अफसर, कर्मचारी आकर बैठ जाते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें सख्त नसीहत दी है। उन्होंने लेटर के साथ पूर्व मुख्य सचिव सुनिल कुमार के 2012 में लिखे लेटर का हवाला भी दिया है। जिसमें उन्होंने सख्त भाषा का इस्तेमाल किया था। नीचे पढ़िये उन्होंने मंत्रिपरिषद और मंत्रिपरिषद कक्ष की गरिमा का जिक्र करते हुए क्या लिखा है....
CG Cabinet Meeting News: रायपुर। कैबिनेट की बैठक में बिना काम कई विभागों के अफसर और दुकानदार टाईप कर्मचारी बिना काम बैठ जाते हैं। उनकी कोशिश ये रहती है कि कैबिनेट की बैठक की फोटो छपने से पब्लिक में उनका औरा बढ़ेगा। मंत्री लोगों को भी उन्हें दिखाने का मौका मिल जाता है कि उनका कितना पौव्वा है।
अब सिर्फ उन्हें ही कैबिनेट की बैठक में शिरकत करने का मौका मिलेगा, जिनके विभाग का एजेंडा होगा। उसमें भी प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी ही। अभी एचओडी यानी डायरेक्टर, एमडी और विभाग के चालू-पूजा कर्मचारियों को भी अफसर बिठा लेते हैं। मगर मुख्य सचिव ने कहा है कि अब ऐसा नहीं चलेगा।
सिर्फ ये चार अफसर पूरे समय रहेंगे
मुख्य सचिव विकास शील ने पत्र के साथ जो लेटर संलग्न किया है, उसके मुताबिक चार अफसर स्थायी रूप से बैठक में उपस्थित रहेंगे। उनमें मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सचिव वित्त, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और सचिव विधि और विधायी कार्य।
मुख्य सचिव विकास शील ने क्या लिखा है?
मुख्य सचिव विकाश शील ने 25 मार्च को सभी विभागीय सचिवों को लिखे पत्रों में आगाह किया है कि आवश्यकता से अधिक अफसर कैबिनेट की बैठक में न रहें। हालांकि, विकास शील ने सधे अंदाज में लेटर लिखा है मगर उन्होंने अपने पत्र के साथ 2012 में तत्कालीन चीफ सिकेट्री द्वारा लिखे गए लेटर की कॉपी लगाई है, उसकी भाषा काफी सख्त है। सुनिल कुमार के समय भी इसी तरह कई अवांछित मुलाजिम कैबिनेट की बैठक में पहुंच जाते थे। लिहाजा, पदभार संभालते ही उन्होंने सबसे पहले ये आदेश निकालने का काम किया था। क्योंकि, उन्हें भी मंत्रिपरिषद की गरिमा से खिलवाड़ पसंद नहीं था।
पढ़िये मुख्य सचिव विकास शील का पत्र
मंत्रिपरिषद् की बैठक के समय मंत्रिपरिषद् कक्ष में उपस्थिति बाबत्।
प्रायः यह देखने में आया है कि मंत्रिपरिषद् की बैठक के दौरान बैठक कक्ष में आवश्यकता से अधिक अधिकारी उपस्थित रहते है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
मंत्रिपरिषद् की बैठक के समय बैठक कक्ष में उपस्थिति के संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा समस्त विभागीय सचिवों को दिनांक 07.03.2012 को निर्देश जारी किया गया है, जिसकी प्रति संलग्न है।
कृपया आपसे अपेक्षा की जाती है कि भविष्य में इसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
विकास शील, मुख्य सचिव
सुनिल कुमार का 2012 में लिखा लेटर
मंत्रिपरिषद् की बैठक के समय मंत्रिपरिषद् कक्ष में उपस्थिति बाबत्।
जैसा कि विदित है, मंत्रिपरिषद् की बैठकों में जानकारी/सहायता के लिये सचिवालयीन अधिकारियों की उपस्थिति रहती है। प्रायः यह देखने में आया है कि मंत्रिपरिषद् बैठक के दौरान बैठक कक्ष में आवश्यकता से अधिक अधिकारी उपस्थित रहते है, जिससे व्यवस्था आदि में कठिनाई उत्पन्न होती है।
अतः मंत्रिपरिषद् बैठकों की सुगम कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये निम्नानुसार व्यवस्था की जाती है।
(1) मंत्रिपरिषद् कक्ष में निम्न अधिकारी स्थाई रूप से उपस्थित रहेगें
(क) प्रमुख सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री.
(ख) प्रमुख सचिव/सचिव, वित्त विभाग.
(ग) प्रमुख सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग.
(घ) प्रमुख सचिव/सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग.
(2) शेष विभागीय प्रमुख सचिव/सचिव जिनके विभाग के प्रकरण मंत्रिपरिषद् के समक्ष विचार हेतु लाये जाते हैं, वे कक्ष से “विषय क्रमांक प्रथम जाएं तो कक्ष में विषय क्रमांक चौथे आएं“ की पद्धति अनुसार उपस्थित रहें, ताकि किसी भी समय मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान अधिकतम तीन विषय सूची से संबंधित प्रमुख सचिव/सचिव ही उपलब्ध हों।
(3) यह भी ध्यान रखा जाए कि केवल अपवाद स्वरूप अवसरों को छोड़ प्रमुख सचिव/सचिव से निम्न स्तर के अधिकारी मंत्रिपरिषद कक्ष में उपस्थित न हों।
(4) मंत्रिपरिषद का बैठक कक्ष कार्यपालिका के लिये उतना ही गरिमापूर्ण है, जितना न्याय पालिका के लिए न्यायालय कक्ष और विधायिका के लिये सदन का सभागृह।
अतः सामान्य प्रशासन विभाग यह सुनिश्चित करें कि मंत्रिपरिषद बैठक कक्ष की गरिमा बनाये रखने हेतु बिना मान. मुख्य मंत्री की अनुमति के परिषद की बैठक से भिन्न किसी भी विभाग की बैठक या अन्य प्रयोजन के लिये कक्ष को उपयोग में नहीं लाया जाए।