1 मई से शुरू होगी छत्तीसगढ़ में जनगणना का पहला चरण, पूछे जाएंगे 33 सवाल, इन सभी सवालों के देने होंगे जवाब, रहिए तैयार

CG Census: छत्तीसगढ़ में एक मई से जनगणना की शुरुआत हो रही है। यह जनगणना का प्रथम चरण होगा। जनगणना करने वाली आने वाली टीम हर एक लोगों से 33 सवाल पूछेगी। इन सवालों का गंभीरता के साथ जवाब देना होगा।

Update: 2026-04-12 08:28 GMT

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

रायपुर। 12 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ में एक मई से जनगणना की शुरुआत हो रही है। यह जनगणना का प्रथम चरण होगा। प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर परिवार, मकान और बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। कर्मचारी तय समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी।

16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी भर सकेंगे। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। ऑनलाइन जानकारी भरने वालों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में कर्मचारियों को दिखाना होगा। जनगणना के प्रथम चरण में मकान की स्थिति, उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा-पक्का), परिवार की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी। घर में कितने सदस्य हैं और कौन-कौन से वाहन उपयोग होते हैं, यह भी दर्ज किया जाएगा।

हर घर बनेगा ‘डिजिटल डॉट

हर मकान की जियो-टैगिंग कर उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इसका फायदा कई स्तर पर मिलेगा। आपदा के समय राहत और बचाव तेजी से होगा, किस घर में कितने लोग हैं, तुरंत पता चलेगा। विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में सटीक डेटा मिलेगा। शहरों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पार्क की बेहतर प्लानिंग हो सकेगी। पलायन और शहरीकरण की सही तस्वीर सामने आएगी। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी

जानकारी रहेगी गोपनीय

जनगणना के दौरान दी जाने वाली जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग योजना बनाने के अलावा नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा। किसी भी स्तर पर इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

निगरानी के लिए तीन स्तर पर बनेंगे कंट्रोल रूम

जनगणना कार्य के दौरान बेहतर निगरानी और सामंजस्य बनाए रखने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे और शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी।

Tags:    

Similar News