CG Higher Education: प्रयोगशाला तकनीशियन के लिए जारी हुआ नियुक्ति आदेश, देखें आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा जारी पदस्थापना आदेश

CG Higher Education: आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन की चयन सूची के बाद अब पदस्थापना आदेश जारी कर दिया है।

Update: 2026-02-18 16:16 GMT

CG Higher Education: रायपुर। आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन की चयन सूची के बाद अब पदस्थापना आदेश जारी कर दिया है।

जारी आदेश में लिखा है, छग शासन, उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रयोगशाला तकनीशियन के 260 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर एवं परीक्षा का आयोजन व्यापम द्वारा किया गया। जिसका परिणाम व्यापम द्वारा जारी किया गया। उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा दावा आपत्ति की सुनवाई के बाद अंतिम चयन सूची / अनुपूरक सूची का प्रकाशन किया गया।

अंतिम चयन सूची से चयनित अभ्यर्थियों द्वारा पदस्थाना हेतु आयोजित काऊंसलिंग में अनुपस्थित (14) / लिखित में पद त्याग (04)/आदेश जारी उपरांत निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अभ्यर्थियों (10) के स्थान पर अनुपूरक सूची से चयनित (24) अभ्यर्थियों को काउंसंलिग के माध्यम से पदस्थापना स्थल आबंटित किया गया।

4 पद अभी भी है रिक्त

02 अभ्यर्थी काउंसलिंग से अनुपस्थित एवं 01 भू.पु.सैनिक (अ.पि.व.) एवं 01 दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण रिक्त रखा गया है।

03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर जारी हुआ नियुक्ति आदेश

अनुपूरक सूची अनुसार उम्मीदवारों को प्रयोगशाला तकनीशियन पद पर वेतन मैक्ट्रिक्स लेवल-6 (25300-80500/-) में अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक निम्न शर्तों के अधीन 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर कार्यभार ग्रहण के दिनांक से अस्थायी रूप से नियुक्त करते हुए यशासकीय महाविद्यालय में पदस्थ किया गया है।

ये जरूरी शर्त

  • नियुक्त आदेश जारी होने के दिनांक से एक माह के भीतर अभ्यर्थियों को सम्बंधित महाविद्यालय में उपस्थिति देनी होगी, निर्धारित अवधि तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर उनका नियुक्ति आदेश स्वयमेव निरस्त माना जावेगा तथा इस संबंध में कोई भी अभ्यावेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।
  • चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति छ.ग. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र 08. मार्च 2021 के निर्देशानुसार 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर होगी।

30 यह नियुक्ति पूर्णत:- अस्थायी है एवं अस्थायी नियुक्ति के दौरान उनके अस्थायी सेवाएँ किसी भी समय किसी भी एक पक्ष द्वारा एक माह का नोटिस दे कर या उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ता देकर समाप्त की जा सकेगी। नोटिस देने के पहले या बाद में यदि वह अपने कार्य से बिना पूर्वानुमति के अनुपस्थित रहते है तो यह समझा जायेगा, की उसने अनुपस्थिति की तारीख से बिना नोटिस दिये सेवा छोड़ दी है तथा उसे एक माह या नोटिस की अवधि में से जितनी अवधि कम हो उतने अवधि का वेतन तथा भत्ते का भुगतान करना होगा।

नियुक्त उम्मीद्वार द्वारा एक माह के नोटिस दिये बिना भी उसके ऐवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते का भुगतान किये बिना शासकीय सेवा छोडने की स्थिति में कंडिका 3 के अंतर्गत देय रकम उस व्यक्ति से भू-राजस्व की बकाया राशि की भांति वसूली योग्य होगी।

उपयुक्त उम्मीदवारों की नियुक्ति पुलिस वेरीफिकेशन (चरित्र सत्यापन) एवं जिला मेडिकल बोर्ड से उपयुक्तता का प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रत्याशा में की जाती है। चरित्र सत्यापन में अथवा मेडिकल बोर्ड द्वारा अयोग्य पाये जाने पर सेवाएँ स्वयमेव समाप्त मानी जावेगी।

आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग) के आवेदकों के जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद होने पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति से सत्यापित कराया जायेगा। यदि संबंधित का जाति प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है, तो संबंधित की सेवा समाप्त करते हुए झूठा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।

दिव्यांग श्रेणी के वर्ग में चयनित उम्मीद्वारों को दिव्यांगता संबंधी प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किये जाने पर ही मान्य किया जावेगा।

यह नियुक्ति अनंतिम है तथा अनु. जाति/अनु. जनजाति / मूल निवास /दिव्यांग प्रमाण पत्र/भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र उचित माध्यमों से सत्यापित किये जाने के अध्याधीन है, और सत्यापन करने पर यदि यह पता चलता है कि अनुसूचित जाति तथा अनु जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग तथा मूल निवासी, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक जैसा भी मामला हो, से संबंधित होने का दावा झूठा है तो बिना कोई कारण बताए तथा झूठा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी इसके अतिरिक्त संबंधित की सेवायें समाप्त कर दी जायेगी।

यह नियुक्ति छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 द्वारा शासित होंगे। छ.ग. शासन के स्थानांतरण नीति के अनुसार परिवीक्षा अवधि में स्थानांतरण की पात्रता नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी नियुक्ति

डॉ. संतोष कुमार देवांगन) आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय ने जारीआदेश लिखा है, यह नियुक्ति आदेश माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के एसएलपी SLP के अंतिम आदेश के अध्यधीन होगा।

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