वीजा के लिए जमा जरुरी दस्तावेजों का फ्रॉड कर रहे गलत इस्तेमाल, दो ठगों ने किया खुलासा, पढ़िए जरुरी डाक्यूमेंट्स का कैसे कर रहे यूज़
CG Cyber Fraud: अगर आप विदेश जा रहे हैं और वीजा के लिए जरुरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं तो जमा करने से पहले संंबंधित व्यक्ति की अच्छी तरह पड़ताल कर लीजिए, ऐसा ना हो कि आपके जरुरी डाक्यूमेंट्स गलत हाथों में चला जाए और भविष्य में उसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहे। छत्तीसगढ़ की पुलिस ने दो ऐसे ही ठगों को गिरफ्तार किया है जो वीजा का काम देखते हैं और जरुरी डाक्यूमेंट्स का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
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CG Cyber Fraud: रायगढ़। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। दो ऐसे शातिर फ्रॉड को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो दुबई में रहकर वीजा का काम करते है, वीजा के लिए लोगों द्वारा जमा किए जाने वाले जरुरी दस्तावेजों के लिए फर्जीवाड़ा को अंजाम दे रहे हैं। इन दोनों ठगों ने गिरोह बना लिया है। दुबई से भारत में गिराेह के जरिए साइबर फ्रॉड और अन्य किस्म के ठगी के धंधे को अंजाम दे रहे हैं।
विग्नेश पी, लेबर एजेंट है, दुबई में इसकी मुलाकात फिरोज खान उर्फ डाम्निक से हुई फिरोज खान उर्फ डाम्निक पहले बेंगलुरू में रहता था, अभी वह काफी सालों से दुबई में रह रहा है। फरोज दुबई में वीजा का काम देखता है, भारत व अन्य देशों से दुबई आने वालों के डक्युमेंट लेकर उसका गलत इस्तेमाल करता है। विग्नेश पी, फिरोज के लिए लेबर का इंतजाम कर दुबई भेजता था। दोनों का असली काम साइबर ठगी से जुडा है । फिरोज खान अपने अन्य साथियों के साथ पूरे देश में गिरोह तैयार कर लिया है। इसी गिरोह के जरिए डिजिटल अरेस्ट, आधार, सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। फिरोज अपने साथ विग्नेश पी और स्टीफन थामस जैसे लोगों को अपने गिरोह में शामिल कर ठगी के रुपये लेता है और बदले में अच्छी खासी कमीशन देता है। पुलिस ने दोनों ठगों को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के खाते में जमा 17 लाख रुपये कराया होल्ड
11 नंवबर को थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी में रहने वाले गरुण सिंह पटेल पिता स्व. पदुम लाल पटेल उम्र 72 वर्ष, द्वारा आवेदन देकर साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराया गया। पीड़ित ने बताया, वह रिटायर्ड शिक्षक है। 10 अक्टूबर 2025 को तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अनजान व्यक्ति का फोन काॅल आया जिसने गरूण पटेल को सीबीआई अधिकारी का धौंस देते हुए, मुंबई में बैंक अकाउंट का झांसा दिया और जांच पड़ताल की बात कही। ठगों ने यह भी चेतावनी दी, किसी के सामने बात लीक नहीं होनी चाहिए।
सीबीआई अफसर की चेतावनी से डरे गरूण पटेल ने यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 25 से 29 अक्टूर 2025 के बीच 12 किस्तों में कुल 2328770.00 रूपये आरोपियों के अलग-अलग खातों में डाल दिया । उसके बाद भी आरोपी पीड़ित शिक्षक को व्हाटसएप के जरिए मैसेज कर मनी लांड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। 30 अक्टूबर को पीड़ित ने अपने बेटे को पूरी बात बताई। पुसौर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बेंगलूरू न्यायालय में पेश ट्रांजिट रिमांड लेकर रायगढ़ लेकर आई। पीड़ित गरूण पटेल द्वारा विग्नेश पी के खाते में 4 लाख 20 हजार रूपये भेजने की जानकारी मिली है । आरोपी विग्नेश पी के बैंक खाते में 17 लाख से अधिक रूपये मिला, जिसे पुलिस ने होल्ड कराया है।