CG Crime News: सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान घोटाला: कमीशनखोरी के आरोप अनवर ढे़बर गिरफ्तार

CG Crime News: राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर ने धारा 7बी, 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित 2018) एवं धारा 120बी भा.द.वि. के प्रकरण में आरोपी अनवर ढे़बर को गिरफ्तार किया है। अनवर ढेबर पर सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान घोटाला और कमीशनखोरी का आरोप है।

Update: 2026-02-23 16:39 GMT

CG Crime News: रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर ने धारा 7बी, 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित 2018) एवं धारा 120बी भा.द.वि. के प्रकरण में आरोपी अनवर ढे़बर को गिरफ्तार किया है। अनवर ढेबर पर सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान घोटाला और कमीशनखोरी का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों द्वारा 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से नकद 28.80 लाख रुपये जप्त कर आवश्यक कार्यवाही हेतु छत्तीसगढ़ शासन को सूचना प्रेषित की गई थी, जिसके आधार पर ब्यूरो द्वारा प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया था।

विवेचना में पाया गया कि सीएसएमसीएल में षड्यंत्रपूर्वक मैनपावर/प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम/अधिसमय भत्ता के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान कराए गए। एजेंसी द्वारा प्रस्तुत बिल में अंकित अधिसमय भत्ते का भुगतान एजेंसी को किया जाता था तथा एजेंसी द्वारा यह राशि आगे संबंधित कर्मचारियों को दी जानी थी।

क्या है मामला

वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम/अधिसमय भत्ता के नाम पर लगभग ₹100 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को देय अतिरिक्त भुगतान थी तथा यह राशि बिलों के माध्यम से मैनपावर/प्लेसमेंट एजेंसियों को इस उद्देश्य से भुगतान की जाती थी कि एजेंसियों द्वारा आगे संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान किया जाए।

सरकारी खजाने को लगाया चूना

व्यवहार में यह राशि कर्मचारियों को भुगतान न होकर एजेंसियों के माध्यम से अवैध रूप से कमीशन के रूप में निकाली व वितरित की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया वस्तुतः शासन के आबकारी राजस्व से ओवरटाइम/अधिसमय भत्ते के नाम पर राशि निकालकर उसे वास्तविक कर्मचारियों तक न पहुँचाते हुए अनधिकृत लाभ/कमीशन के रूप में बाँटने जैसी थी, जिससे शासन के राजस्व को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई।

विवेचना में यह भी पता चला कि प्राप्त कमीशन अंततः आरोपी अनवर ढे़बर तक पहुँचाया जाता था। आरोपी को 23.फरवरी 2026 को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।

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