CG Bilaspur News: कैदी ने खाया जहर, सेंट्रल जेल अधीक्षक ने बताया जेल ट्रांसफर के लिए कैदी की साजिश...
CG Bilaspur News: अंबिकापुर जेल के फरार कैदी के जहर खाने के मामले में उस पर अंबिकापुर जेल से बिलासपुर जेल ट्रांसफर के लिए हथकंडे अपनाने का आरोप लगा है.
CG Bilaspur News: बिलासपुर। अंबिकापुर जेल से फरार हत्या के सजायाफ्ता कैदी रमेश कांत पर बिलासपुर जेल ट्रांसफर के लिए सुनियोजित तरीके से जहर खाकर दबाव बनाने का आरोप लगा है। बिलासपुर पुलिस और बिलासपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बिलासपुर जेल के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया है।
बिलासपुर जेल से एक जनवरी 2024 को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी रमेश कांत को अंबिकापुर सेंट्रल जेल भेजा गया था। जेल में तबीयत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। 6 अक्टूबर की सुबह वह वॉशरूम जाने का बहाना कर कैदी वार्ड से बाहर निकला और भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकला। इसके बाद बिलासपुर आ गया। अंबिकापुर जेल के अधिकारियों ने बताया कि उसने पहले से पूरी प्लानिंग कर रखी थी। इसलिए वह सीधे वकील और पत्नी की मदद से शिकायत पत्र लेकर कलेक्टर के समक्ष सरेंडर किया। जैसे ही अंबिकापुर पुलिस बिलासपुर पहुंची। उसने नाटकीय अंदाज में डाइक्लोफिनेक के 10 टेबलेट खाकर थोड़ी सी सेनेटाइजर की पी ली थी। यह टेबलेट पेन किलर है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि इस तरह की दवाओं का इस्तेमाल अमूमन नशेड़ी करते हैं। उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। सारे रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सिम्स से उसे डिस्चार्ज करने के बाद उसे अंबिकापुर से आई टीम अपने साथ ले गई है।
प्रताड़ना और रिश्वत लेने के मामले में होगी जांच
इधर, कैदी की पत्नी की शिकायत के बाद जेल अधीक्षक सूरजपुर को पूरे मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। आरोपी की पत्नी ने शिकायत के साथ फोन पे से ट्रांसफर किए गए एकाउंट के स्क्रीन शॉट भी दिए हैं। ऐसे में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
6 अक्टूबर को भागा और आवेदन में 5 का जिक्र
कैदी की पत्नी ने जो शिकायत पत्र कलेक्टर को सौंपा है। उसमें आरोपी को 5 अक्टूबर को फरार होना बताया गया है, जबकि वह 6 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भागा था। प्रारंभिक जांच में इसे पाॅइंट किया गया है। इतना ही नहीं कैदी की पत्नी स्टाफ नर्स है। ऐसे में माना जा रहा है कि उसे दवा से कम नुकसान होने का पहले से जानकारी थी।