Bilaspur High Court : पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर सहित 4 को हाई कोर्ट से मिली जमानत, दो अलग-अलग घोटाले में चार लोगों को हाई कोर्ट से मिली जमानत

Bilaspur High Court : छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला में हाई कोर्ट ने कारोबारीअनवर ढेबर, पूर्व IAS अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। शराब घोटाला में मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत मिली है।

Update: 2026-01-13 13:43 GMT

Bilaspur High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला में हाई कोर्ट ने कारोबारीअनवर ढेबर, पूर्व IAS अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। शराब घोटाला में मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत मिली है। कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया था, जिस पर ढेबर और टूटेजा को आज कोर्ट ने जमानत दे दी है।

छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपए से अधिक का है। आरोप है कि 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई है। घोटाले में अफसर से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हैं। अलग-अलग राइस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता रहा। घोटाले में ईओडब्ल्यू ने अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को अरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया था।

मिलरों से वसूला लेव्ही

EOW ने फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ ईओडब्ल्यू द्वारा कस्टम मिलिंग घोटाले में पहला चालान प्रस्तुत किया गया था। कस्टम मिलिंग में राइस मिलों से अवैध वसूली की गई थी। अवैध वसूली से 20 करोड़ रुपए हड़प लिए। राइस मिलरों से अवैध वसूली करने के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाकर बिल लंबित रखा जाता था, जिससे राइस मिलर दबाव में आकर 20 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन लेते थे।

कारोबारी अनवर ढेबर 2022 से 2023 तक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली रहे। आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्य से इस बात के प्रमाण मिले थे कि वह न केवल शराब घोटाला बल्कि तत्कालीन सरकार के समय अन्य महत्वपूर्ण विभाग जैसे पीडब्ल्यूडी व वन विभाग में भी दखल रखते थे।

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