Bilaspur High Court: ट्रांसफर पर रोक: प्रतिनियुक्ति से पहले सहमति लेना जरुरी, हाई कोर्ट ने इन अधिकारियों के स्थानांतरण पर लगाई रोक...
Bilaspur High Court: जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जागेंद्र कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्धीकी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा था। प्रतिनियुक्ति से पहले संबंधित अधिकारी कर्मचारी की सहमति जरुरी है। राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है।
Bilaspur High Court: बिलासपुर। जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जागेंद्र कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्धीकी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा था। प्रतिनियुक्ति से पहले संबंधित अधिकारी कर्मचारी की सहमति जरुरी है। राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन के पद पर पदस्थ रहने के दौरान राज्य शासन ने उनका तबदला प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर कर दिया है। यह पद प्रतिनियुक्ति का है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई है। राज्य शासन ने ऐसा कर अपने ही दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता मतीन सिद्धीकी ने कहा कि याचिकाकर्ता का मूल पद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत है। राज्य शासन ने स्थानांतरण आदेश के तहत उनका स्थानांतरण प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर जिला पंचायत राजनांदगांव कर दिया है। यह प्रतिनियुक्ति का पद है। नियमों का हवाला देते हुए अधिवक्ता सिद्धीकी ने कहा कि प्रतिनियुक्ति से पहले याचिकाकर्ता कि सहमति नहीं ली गई है, जो की विधि विरुद्ध है।
अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता की पदस्थापना जनपद पंचायत पाटन में 27 नवंबर 2024 को हुई है। जनपद पंचायत में केवल एक वर्ष एक महीने ही हुआ है जो कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका 3.9 का उल्लंघन है। इसमें स्पष्ट लिखा गया है कि 1 जून 2025 की स्थिति में एक साल से कम अवधि में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पद विशेष गहन पुनरीक्षण SIR कार्य कर रहे हैं जिसके कारण छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचन नामावलियों कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों की स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाया गया है उपरोक्त आधारों पर न्यायालय ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।