CG सियासी विश्लेषण: राज्यसभा में कांग्रेस से फिर बाहरी तो नहीं? भाजपा के इस कदम से बढ़ा दबाव

CG सियासी विश्लेषण: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव की उम्मीदवारी को लेकर एकाएक शांति छा गई है। दावेदारी की सरगर्मी बंद हो गई है, इसे देख कर पार्टी के ही वरिष्ठ नेता अटकल लगा रहे हैं कि कहीं आलाकमान ने बाहरी प्रत्याशी तय करने का तो मन नहीं बना दिया है। कांग्रेस विधायकों को मंगलवार को रायपुर आने कहा गया था, यह सूचना भी रद्द कर दी गई और सभी को पांच मार्च की सुबह आने को कहा गया है।

Update: 2026-03-03 12:03 GMT

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रायपुर। 03 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ की राज्यसभा की दो सीटों में से एक पर भाजपा की ओर से महिला लक्ष्मी वर्मा का राज्यसभा जाना तय हो गया है। लक्ष्मी पांच मार्च को नामांकन दाखिल करेंगी। इस तरह से भाजपा ने एक बार फिर ओबीसी कार्ड खेल दिया है। दूसरी ओर कांग्रेस अपनी एक प्रत्याशी घोषित करने में पीछे रह गई है। उम्मीद की जा रही थी कि शाम तक नाम आ जाएगा, मगर कोई हलचल नहीं है। इसके विपरीत भाजपा में बिना किसी सरगर्मी से खामोशी से प्रत्याशी तय कर दिया गया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि अभी जिस तरह का माहौल है, उससे आज देर रात या कल ही प्रत्याशी का नाम सामने आने की उम्मीद है।

भाजपा ने स्थानीय प्रत्याशी घोषित कर कांगे्रेस के बड़े नेताओं पर एक दबाव तो बना ही दिया है कि बाहरी प्रत्याशी न घोषित किया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक भी चाहते हैं कि पार्टी किसी स्थानीय को ही राज्यसभा भेजे। अब तक तीन सीटें राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन और केटीएस तुलसी को दी जा चुकी हैं और ये सभी छत्तीसगढ़ के नहीं हैं। यही कारण है कि इस बार कांग्रेस के कुछ विधायकों ने खुल कर बाहरी का विरोध किया है और मांग की है कि स्थानीय नेता को राज्यसभा भेजा जाए।

इस बीच तीन आदिवासी नेताओं दीपक बैज, अमर जीत भगत और मोहन मरकाम के साथ शिव डहरिया ने भी दावेदारी की है। इनके अलावा ओबीसी से किरणमयी नायक का नाम भी सामने आया है। इनसे परे नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की पुरानी दावेदारी कायम है, हालांकि अभी वे खुल कर कुछ नहीं कह रहे हैं। जबकि दिल्ली से लौट चुके पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी कोई संकेत नहीं दिया है। दूसरी ओर पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी खामोश हैं। इन सबके बीच मंगलवार को दिनभर कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर जिस तरह से शांति छायी रही, कहीं किसी तरह की हलचल नहीं दिखी, उससे वरिष्ठ नेता भी आशंकित हैं कि कहीं फिर से राज्य से बाहर के किसी नाम की घोषणा राज्यसभा के लिए न कर दी जाए। इसका कारण यह है कि यदि आज प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाती तो बतौर प्रत्याशी कुछ आवश्यक दस्तावेजों का प्रबंध करना होता है।

आज रात भी प्रत्याशी की सूची आती है तो कल होली के कारण सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, जबकि दूसरी दिन पांच मार्च को नामांकन पत्र जमा किया जाना है। ऐसे में पांच मार्च को ही आनन- फानन में तैयारी करनी होगी। आलाकमान ने नामांकन के लिए जरुरी बी फार्म भी जारी कर दिया है, जिस पर केवल प्रत्याशी का नाम लिखा जाना है। हड़बड़ी में कहीं नामांकन में त्रुटि हो गई हो इसके निरस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए ही कांग्रेस विधायकों को मंगलवार को रायपुर बुला लिया गया था, जिससे नामांकन के चार सेटों की तैयारी की जा सके। इनमें विधायकों से हस्ताक्षर लिया जाना था। पार्टी नेता ने बताया कि कल देर रात विधायकों को बुलाने की सूचना निरस्त कर दी गई, इसके पीछे कारण बताया गया कि सभी होलिका दहन में शामिल होने चले गए थे। इसके दो दिन बाद रंगोत्सव है, इसलिए सभी को होली मना कर पांच मार्च की सुबह आने को कहा गया है।

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