Lakshmi Verma Biography: पार्षद से सीधे संसद तक का सफर, जानिए बीजेपी के राज्यसभा दावेदार लक्ष्मी वर्मा के बारे में
Lakshmi Verma Biography: भाजपा ने जिस लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनका राजनीतिक सफर पार्षद के रूप में शुरू हुआ था। पार्षद के सफर से होते हुए उन्हें भाजपा ने संसद पहुंचा दिया है। ऐसा कर पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि संगठन में परिश्रम से कुछ भी संभव है। लक्ष्मी वर्मा के जरिए भाजपा ने एक बार फिर से ओबीसी कार्ड को महत्व दिया है। पार्टी ने इससे पहले सरोज पांडेय को 2018 में राज्य सभा भेजा था, इस तरह भाजपा ने राज्यसभा जाने वाली लक्ष्मी दूसरी महिला हैं।
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रायपुर। राज्य बनने से पहले वर्ष 1994 में रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर सात से पार्षद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा (Lakshmi Verma Biography) को वर्ष 2010 में रायपुर जिला पंचायत का अध्यक्ष बनाया गया था। यह कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे एफएएसएलएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के पद पर काम करती रहीं। फिर सात अक्टूबर 2024 को उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के सदस्य का दायित्व सौंपा गया।
लक्ष्मी बलौदाबाजार जिले की मूल निवासी हैं। वे सिमगा ब्लॉक के ग्राम मुड़पार की रहने वाली हैं। वर्ष 1990 में उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली थी। वर्ष 2000 में उन्हें रायपुर लोकसभा सदस्य रमेश बैस का प्रतिनिधि भी नियुक्त किया गया था। राजनीतिक सफर के रूप में उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा कार्यसमिति के सदस्य के रूप में काम किया।
इतना ही नहीं, वर्ष 2010 में उन्हें भाजपा के पंचायत राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय काार्यसमिति में वर्ष 2014 तक रखा गया था। जबकि प्रदेश भाजपा में उन्हें 2021 में प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया गया। उनकी वाकपटुता को देखते हुए उनहें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। इस तरह देखा जाए तो लक्ष्मी की जमीनी पकड़ के अलावा संगठन में भी मजबूत पैठ रही है। यही कारण है कि संभावित सभा नामों को पीछे छोड़ते हुए लक्ष्मी को संसद जाने का मौका मिल गया है। जबकि रेस में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी का भी नाम चर्चा में था। बताते हैं कि अंतिम तीन नाम में लक्ष्मी वर्मा के साथ नारायण चंदेल और प्रेमप्रकाश पांडेय का नाम था।
मनवा कुर्मी समाज से गहरा नाता
भाजपा ने ओबीसी कार्ड के साथ मनवा कुर्मी समाज को भी साध लिया है। लक्ष्मी का सामाजिक ताना- बाना बहुत गहरा है। वे वर्ष 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रित समाज में प्रदेश महिला महामंत्री रही हैं। जबकि 2006 से 2008 तक समाज की ही प्रदेश संगठन मंत्री और 2008 से 2010 तक प्रदेश महिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। अभी लक्ष्मी के पास अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की महिला राष्ट्रीय महासचिव की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में देखा जाए तो भाजपा ने सामाजिक परिदृश्य को भी ध्यान में रख कर प्रत्याशी का चयन किया है।