Bilaspur High Court: देना होगा संपत्ति का ब्योरा: ज्यूडिशियल अफसरों से हाई कोर्ट ने मांगी चल-अचल संपत्ति की जानकारी
Bilaspur High Court: हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ज्यूडिशियल ने एक आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न अदालतों में कार्यरत ज्यूडिशियल अफसरों से संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा भी जारी कर दिया है।
Bilaspur High Court: बिलासपुर। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ज्यूडिशियल ने एक आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न अदालतों में कार्यरत ज्यूडिशियल अफसरों से संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा भी जारी कर दिया है। निर्धारित प्रोफार्मा में ही ज्यूडिशियल अफसरों को चल-अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी। संपत्ति अर्जित करने के संबंध में स्रोत को भी बताना होगा।
हाई कोर्ट ने प्रदेश की जिला न्यायपालिका में कार्यरत सभी न्यायिक अधिकारियों को 28 फरवरी 2026 तक अपनी चल अचल संपत्तियों की जानकारी देने का आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस मंसूर अहमद द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, सभी ज्यूडिशियल अफसरों को 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति में अपनी चल- अचल संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा।
हाई कोर्ट द्वारा जारी निर्देश के अनुसार न्यायिक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या सीधे हाई कोर्ट को अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं भेज सकेंगे। सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्धारित प्रोफॉर्मा में भरकर अपने जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास जमा करना होगा। जिला जज, भेजी गई जानकारियों का सत्यापन करेंगे और फिर पूरे जिले के न्यायिक अधिकारियों द्वारा की दी गई जानकारी को एक साथ ईमेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से हाई कोर्ट को भेजेंगे।
न्यायिक अधिकारियों को निर्धारित प्रोफॉर्मा में अपनी अचल संपत्ति यानी भूमि, मकान आदि, चल संपत्ति में नकद, बैंक, बीमा, शेयर,ज्वेलरी आदि का विस्तृत ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि संपत्ति किसके नाम पर है और किस माध्यम से संपत्ति हासिल की गई है।