Anjaneya University: आंजनेय यूनिवर्सिटी में सतत विकास और ग्लोबल कन्वर्जेंस पर दो दिवसीयवैचारिक मंथन....
Anjaneya University: युवा केवल 'नॉलेज कंज्यूमर' बनकर न रहे, बल्कि 'नॉलेज क्रिएटर' बने: चांसलर अभिषेक अग्रवाल
Anjaneya University: रायपुर। शैक्षणिक वातावरण में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, आंजनेय यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'INCON 26' का सफल समापन हुआ। इस सम्मेलन में "ग्लोबल कन्वर्जेंस: बिजनेस, टेक्नोलॉजी एंड ह्यूमैनिटीज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" विषय पर मंथन हुआ, जिसने विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें 500 से अधिक विद्वानों, शोधकर्ताओं, कॉर्पोरेट लीडर्स और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने अपने विचार रखें जिनमें आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स, सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसे विषयों पर वैचारिक मंथन किया गया। विशेषज्ञों का मानना था कि सतत विकास केवल एक नीतिगत लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समय की अनिवार्य जीवनशैली होनी चाहिए। समापन सत्र में चांसलर अभिषेक अग्रवाल ने अपने संबोधन में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, ज्ञान प्राप्त करना शिक्षा का केवल एक पहलू है लेकिन उस ज्ञान का उपयोग समाज की समस्याओं को हल करने के लिए करना ही वास्तविक अनुसंधान है। आज का युवा केवल 'नॉलेज कंज्यूमर' बनकर न रहे, बल्कि 'नॉलेज क्रिएटर' बने।
छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहाँ अपार संसाधन और विविधता है, वहां सतत विकास के नए मॉडल विकसित करने की असीम संभावनाएं हैं। अतिथि शिक्षा प्रकोष्ठ सह संयोजक शरद चंद ने अनुसंधान की गुणवत्ता पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों और स्मार्ट सिटी तकनीक पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय सम्मेलन का संयोजन डॉ जय कुमार देवांगन, डॉ राजेश कुमार और डॉ विनीत मेश्राम का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक साक्षी गुप्ता और उदिता कुजूर ने मिलकर किया। सम्मेलन को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC), छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इट्सा हॉस्पिटल, यूनिवर्सल फाइन केमिकल्स एवं आशीर्वाद ब्लड बैंक सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर डायरेक्टर जनरल डॉ. बी. सी. जैन, कुलपति डॉ. टी. रामाराव, निदेशक डॉ. जयेंद्र नारंग, निदेशक (अकादमिक) डॉ. संध्या वर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. रुपाली चौधरी सहित विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।