कैशलेस चिकित्सा सुविधा: कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी सेवा कल्याण संघ ने सरकार को दिया ये ड्राफ्ट
CG Cashles Medical Feslities: कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी सेवा कल्याण संघ ने सुविधा के सम्बंध में जरूरी ड्राफ्ट तैयार किया है। इसी अनुरूप इसे लागू करने की मां संघ ने की है।
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रायपुर।2 मार्च 2026| कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी सेवा कल्याण संघ ने सुविधा के सम्बंध में जरूरी ड्राफ्ट तैयार किया है। इसी अनुरूप इसे लागू करने की मां संघ ने की है।
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी सेवा कल्याण संघ की अध्यक्ष उषा चंद्राकर ने कहा, यह लंबे समय से कर्मचारियों की प्रमुख मांग रही है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आकस्मिक चिकित्सा परिस्थितियों में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी तथा समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा। यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को सुदृढ़ करने वाला और उनके भविष्य को सुरक्षित करने वाला है।
अध्यक्ष चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार संगठन के द्वारा सचिव स्तर पर अपने सुझाव के लिए जो ड्राफ्ट शुरू से दिया गया है , उसी अनुरूप योजना को लागू करने की मांग की है।
कर्मचारी कल्याण संघ ने की ये मांग
- समस्त शासकीय कर्मचारियों अधिकारियों सहित उनके आश्रितों को कैशलेश चिकित्सा शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में मिलनी चाहिए।
- समस्त शासकीय सेवकों के लिए यह सुविधा पूर्ण रूप से निःशुल्क हो, दवाइयां, ऑपरेशन, पैथोलॉजी इत्यादि)। ओपीडी को शामिल किया जाए।
- एम्स और जिला अस्पतालों की तर्ज पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर अस्पताल में दाखिल हो।
- हृदय, किडनी, लीवर जैसी बीमारियों का इलाज शामिल किया जाए।
- किसी भी बीमारी के इलाज में वित्तीय लिमिट लागू न रहे।
- सभी शासकीय सेवकों के लिए कैशलेश चिकित्सा बुक भिलाई स्टील प्लांट की तर्ज पर)जारी किया जाए।
- कैशलेश चिकित्सा सुविधा राज्य के बाहर अन्य राज्यो के मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल में भी लागू हो जिससे कर्मचारी अधिकारी राज्य के बाहर भी इलाज करा सके।
- निजी अस्पतालों द्वारा कर्मचारियों से इलाज के दौरान सौतेला व्यवहार न किया जाए। ऐसी स्थिति में कठोर से कठोर तथा मान्यता संबंधी अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधित अस्पताल के ऊपर किया जाना प्रस्तावित रहे।
- कैशलेश चिकित्सा सुविधा सेवानिवृत्त कर्मचारियों अधिकारियों के लिए भी लागू की जाए।
- सप्ताह के 7 दिन 24 घण्टे की सुविधा लागू की जाए। अर्थात एक कस्टमर केयर नंबर जारी किया जाए जो 24 घंटे इस सेवा का लाभ प्राप्त कर सके। किसी भी कर्मचारी को किसी भी निजी अस्पताल में इस योजना के लिए परेशान ना होना पड़े। साथ ही साथ ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था भी हो।
- सफल संचालन के लिए एक निगरानी समिति बनाई जाए जिसमें राज्य व जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारी सहित संगठन के सदस्य को जगह दी जाए।
. योजना के क्रियान्वयन में किसी भी कर्मचारी को अपने डीडीओ या सिविल सर्जन से अप्रूवल की परेशानी नहीं होनी चाहिए।