IAS Resignation: 7 गोलियां खाने वाले IAS रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा, वकीलों के सामने कान पकड़ने का वीडियो हुआ था वायरल, जानें पूरी कहानी

IAS Rinku Singh Rahi Resigns: यूपी कैडर के चर्चित IAS रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा दे दिया है। 2009 में 7 गोलियां खाने वाले राही को शाहजहांपुर में उठक-बैठक वाले वायरल वीडियो के बाद साइडलाइन कर दिया गया था।

Update: 2026-03-31 12:52 GMT
फोटो: AI

लखनऊ 31 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही (IAS Rinku Singh Rahi) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। साल 2009 में 7 गोलियां खाकर बचने वाले और हाल ही में वकीलों के सामने 'उठक-बैठक' कर सुर्खियों में आए अधिकारी का कहना है कि उन्हें बिना किसी काम के साइडलाइन कर दिया गया था। पिछले साल जुलाई 2025 से वे बिना किसी पोस्टिंग के राजस्व परिषद (Revenue Board) से अटैच थे।

'जनसेवा का मौका नहीं मिला, इसलिए छोड़ी नौकरी'

राजस्व परिषद से अटैच चल रहे IAS Rinku Singh Rahi ने अपने इस्तीफे में सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राही ने कहा है कि उन्हें लंबे समय से न तो कोई नई पोस्टिंग दी गई और न ही कोई काम सौंपा गया। यूपी सरकार की तरफ से उन्हें सैलरी तो मिल रही थी लेकिन जनसेवा के अवसर से पूरी तरह वंचित रखा जा रहा था। इसे अपना 'नैतिक निर्णय' बताते हुए उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी है।

क्या था 'उठक-बैठक' वाला विवाद?

यह पूरा विवाद जुलाई 2025 का है। उस वक्त रिंकू सिंह राही शाहजहांपुर (Shahjahanpur) की पुवायां तहसील में जॉइंट मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात थे। तहसील परिसर में निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुले में पेशाब करते हुए चार लोगों को पकड़ लिया और उन्हें उठक-बैठक लगाने की सजा दी। इनमें से एक शख्स वकीलों का मुंशी निकला जिसके बाद वकीलों ने इसे अपना अपमान मानते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जब SDM ने खुद वकीलों के सामने पकड़े कान

विवाद बढ़ता देख तत्कालीन एसडीएम राही खुद धरना स्थल पर पहुंचे। वकीलों के साथ तीखी बहस के बीच किसी तंज पर रिंकू सिंह राही ने खुद वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगानी शुरू कर दी। वहां मौजूद किसी शख्स ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया जो भयंकर रूप से वायरल (Viral Video) हो गया। मीम्स और आलोचनाओं के बाद यूपी शासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें एसडीएम पद से हटाकर राजस्व परिषद में अटैच कर दिया था।

100 करोड़ के घोटाले का किया था पर्दाफाश

आईएएस राही का प्रोफेशनल करियर उतार-चढ़ाव और संघर्षों से भरा रहा है। साल 2009 में मुजफ्फरनगर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने समाज कल्याण विभाग में 100 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा किया था। इस बड़े खुलासे के बाद माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला करवा दिया। इस हमले में राही को 7 गोलियां लगी थीं। इतनी गंभीर चोटों के बावजूद वे बच गए थे और अपनी ईमानदारी के लिए पूरे देश में पहचाने गए थे।

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