IAS Rajat Bansal: 3 महीने में, 300 करोड़ का राजस्व बढ़ाया, पढ़िये हाई बैकग्राउंड के जमीनी IAS रजत बंसल को सरकार ने नया सीपीआर क्यों चुना?
IAS Rajat Bansal: आईएएस अफसर रजत कुमार को सरकार ने न केवल जनसंपर्क आयुक्त बनाया है बल्कि स्पेशल सिकरेट्री टू सीएम से लेकर उनका डायरेक्टर माईनिंग और एमडी माईनिंग कारपोरेशन भी यथावत रहेगा। एन बैजेंद्र कुमार को छोड़ किसी भी जनसंपर्क आयुक्त का इतना बड़ा पोर्टफोलियो नहीं रहा। नीचे पढ़िये सरकार ने उन्हें सीपीआर के लिए क्यों चुना?
IAS Rajat Bansal
IAS Rajat Bansal: रायपुर। कई दिनों की अटकलबाजियों और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने रजत बंसल को नया जनसंपर्क आयुक्त अपाइंट कर दिया। इसके साथ ही वर्तमान जनसंपर्क आयुक्त डॉ0 रवि मित्तल को पीएमओ के लिए आज कार्यमुक्त कर दिया।
रजत बंसल 2012 बैच के आईएएस हैं। छत्तीसगढ़ कैडर में वे बैचवाइज सबसे सीनियर हैं। रजत संवाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी होंगे। सीपीआर और संवाद के सीईओ के साथ उन्हें स्पेशल सिकरेट्री टू सीएम सचिवालय भी बनाया गया है। इसके अलावा उनके पास डायरेक्टर माईनिंग और एमडी माईनिंग कारपोरेशन का भीप अतिरिक्त दायित्व होगा।
सरकार ने जताया भरोसा
नए जनसंपर्क आयुक्त के लिए सरकार के समक्ष तीन-चार नाम थे। मगर आखिरकार रजत बंसल के नाम पर न केवल मुहर लगाया गया बल्कि उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सीएम सचिवालय में पोस्टिंग दी गई। इसके अलावा उनके पास डायरेक्टर माईनिंग और एमडी माईनिंग कारपोरेशन का भी प्रभार रहेगा। छत्तीसगढ़ में बैजेंद्र कुमार को छोड़ दें तो किसी जनसंपर्क आयुक्त के पास इतना चार्ज नहीं रहा। इस तरह कह सकते हैं कि सरकार ने रजत बंसल पर भरोसा जताया है।
क्यों चुने गए सीपीआर?
जनसंपर्क आयुक्त के लिए वैसे तो पब्लिक डोमेन से लेकर ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में कई नाम चल रहे थे। मगर रजत बंसल को सबसे उपयुक्त समझा गया। रजत बंसल की खासियत यह है कि वे काफी मिलनसार तो हैं ही, रिजल्ट ओरियेंटेड काम करते हैं। माईनिंग में उन्होंने कम समय में काफी काम किया। इसके अलावे उनकी सबसे बड़ी खासियत लो प्रोफाइल में रहना है। वे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के दामाद हैं। राजीव कुमार जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे, तब भी वे लाइमलाइट से दूर लो प्रोफाइल में बने रहे। रजत काफी विनम्र स्वभाव के आईएएस माने जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के भी वे प्रिय हैं। सारी खूबियों को देखते हुए रजत को सरकार की छबि चमकाने वाले विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
3 महीने में 300 करोड़ का राजस्व
रजत बंसल मुख्यमंत्री से लेकर हाई अथॉरिटी की नजर में इसलिए आए कि उन्होंने माईनिंग में आते ही इतने बड़े-बड़े काम किए, वैसा आज तक नहीं हुआ। माईनिंग में उनके द्वारा किए गए रिफार्म की वजह से सरकार को पिछले तीन महीने में 300 करोड़़ का राजस्व बढ़ गया। माईनिंग में वे ऐसा काम कर रहे कि दलालों और माफियाओं की दाल नहीं गल पाएगी। वे ड्रोन सिस्टम से खनन एरिया की निगरानी कराने जा रहे हैं। ड्रोन का कंट्रोल रायपुर में रहेगा। रायपुर में बैठेक-बैठे पता चल जाएगा कि कहां से कितनी रेत या खनिज को पार किया जा रहा या माइनिंग कंपनियां वास्तविक जगह पर खनन कर रही या रकबा बढ़ाकर माईनिंग कर ले रही।
जानिए रजत बंसल के बारे में
रजत बंसल छत्तीसगढ़ कैडर के 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे हरियाणा के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी की है। अपने पहले प्रयास में आईपीएस बने फिर दूसरे प्रयास में आईएएस।
जन्म और शिक्षा
छत्तीसगढ़ कैडर के 2012 बैच के आईएएस रजत बंसल हरियाणा के रहने वाले है। उनके पिता भारतीय वन सेवा के अधिकारी थे। वे यूपी कैडर के आईएफएस अधिकारी रहे इसलिए रजत की शुरूआती स्कूली शिक्षा यूपी में हुई। रजत बंसल का जन्म 25 जुलाई 1988 को हुआ है। उनकी स्कूली शिक्षा लॉ मार्टिनियर स्कूल लखनऊ व डीपीएस स्कूल आरके पुरम दिल्ली से हुई है। दसवीं में रजत बंसल ने स्कूल में टॉप किया था। बीट्स प्लानी से कंप्यूटर साइंस ब्रांच से इंजीनियरिंग किया। पढ़ाई के दौरान फ्रांस में एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए। जिसमे उन्हें स्कॉलरशिप मिली।
यूपीएससी में सलेक्शन
2009 से अप्रेल 2011 तक इंफोसिस कंपनी पुणे में जूनियर रिसर्च एसोसिएट के तौर पर कार्यरत रहें। इस दौरान यूपीएससी की तैयारी भी करते रहे। हफ्ते में दो दिन नौकरी करते हुए रजत बंसल कोचिंग करते थे। पहले प्रयास में 168 रैंक लाकर यूपीएससी क्रैक करते हुए उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ। रजत बंसल को पश्चिम बंगाल कैडर मिला। 9 माह तक रजत बंसल ने आईपीएस की ट्रेनिंग की। दूसरे प्रयास में रजत बंसल का रैंक 85 वां आया और वे आईएएस के लिए चुने गए।
प्रोफेशनल कैरियर
रजत बंसल ने 3 सितंबर 2012 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। रजत बंसल की फील्ड ट्रेनिंग के लिए पहली पोस्टिंग सहायक कलेक्टर के रूप में रायगढ़ जिले में मिली। अगस्त 2014 में राजनांदगांव के एसडीएम बने। राजनांदगांव के सीईओ जिला पंचायत बने। फिर सूरजपुर जिले में जिला पंचायत सीईओ बने। रायपुर नगर निगम के कमिश्नर रहें।
रजत बंसल धमतरी, बस्तर व बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टर रहें। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के आयुक्त रहें। वर्तमान में वे डायरेक्टर माईनिंग, एमडी माईनिंग कारपोरेशन और स्पेशल सिकरेट्री गुड गवर्नेंस हैं। मगर अब उन्हें जनसंपर्क आयुक्त के साथ विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय बनाया गया है। माईनिंग के उनके दोनों प्रभार यथावत रहेंगे। सिर्फ स्पेशल सिकरेट्री गुड गवर्नेंस हटेगा।