IAS Jai prakash Maurya Biography in Hindi: आईएएस जय प्रकाश मौर्य का जीवन परिचय ( जीवनी), जानिए कौन है छतिसगढ़ कैडर के आईएएस जय प्रकाश मौर्य?

IAS Jai Prakash Maurya Biography, Hindi, Age,wiki, wife,Family, Children, Name, Date of Birth, wife, Family, Height, Career, Nick Name, Net Worth: जय प्रकाश मौर्य छत्तीसगढ़ कैडर के 2010 बैच के आईएएस हैं। वे मूलतः उत्तरप्रदेश के रहने वाले है। पर उनका परिवार छत्तीसगढ़ में आकर बस गया था। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने यूपीएससी क्रैक किया और आईएएस बने। सरकारी स्कूल से पढ़े जयप्रकाश ने यूपीएससी परीक्षा में 9 वीं रैंक के साथ सफलता पाई थीं। हिंदी माध्यम में पूरे देश में वे प्रथम स्थान पर रहे थें।

Update: 2024-04-30 09:08 GMT

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एनपीजी। जय प्रकाश मौर्य छत्तीसगढ़ कैडर के 2010 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे मूलतः उत्तरप्रदेश के है। पर उनकी स्कूली शिक्षा छत्तीसगढ़ से पूरी हुई है। एमए करने के बाद वे आईएएस बने हैं। वर्तमान में विशेष सचिव रैंक के अफसर है। उनकी पदस्थापना विशेष सचिव उच्च शिक्षा के पद पर है। आइए जानते हैं उनके बारे में..

जन्म, शिक्षा और पारिवारिक विवरण:–

छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस जय प्रकाश मौर्य का जन्म 28 अक्टूबर 1980 को हुआ था। उनके पिता का नाम मिठाई लाल मौर्य व मां का नाम श्रीपति मौर्य है। उनका मूल निवास उत्तरप्रदेश के बनारस से 17 किलोमीटर की दूरी पर बनारस तहसील के हिरमपुर गांव में है। पर उनके पिता नौकरी के चलते छत्तीसगढ़ आ गए थे। जय प्रकाश मौर्य के पिता मिठाई लाल मौर्य सन 1965 में शिक्षक की नौकरी करने रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लाक के लमडांड गांव आ गए। 1965 से 1997 तक उनकी पदस्थापना लमडांड गांव में ही रही। तब जयप्रकाश ने पहली से आठवीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। आगे 9 वीं से 12 वीं तक की पढ़ाई रायगढ़ में हॉस्टल में रहकर पूरी की।

कॉलेज में भी गोल्ड मेडलिस्ट, चौथे प्रयास में मिली सफलता:–

स्कूल पूरा होने के बाद जयप्रकाश मौर्य ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया और बीए कर ग्रेजुएशन की डिग्री ली। बा के बाद उन्होंने इतिहास में एमए किया। एमए में उन्हें गोल्ड मेडल मिला। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। पर शुरू के तीन प्रयासों में सफल नहीं हो पाए। अपना चौथा प्रयास उन्होंने 2009 यूपीएससी में दिया। चौथे प्रयास में उन्होंने टॉप टेन में नौवां रैंक हासिल किया। हिंदी माध्यम में उनका प्रथम स्थान रहा।

बचपन में ही मिला प्रधानमंत्री से प्रशस्ति पत्र, कलेक्टर के कार्यों को देखकर मिली प्रेरणा:–

जयप्रकाश मौर्य को बचपन से ही सामाजिक कार्यों में रुचि रही है। बचपन से ही लोगों की मदद कर उन्हें अलग आनंद की अनुभूति होती है। भूकंप– बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदा आने पर उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर चंदा इकट्ठा कर प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करवाए थे। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। बचपन से ही जयप्रकाश मौर्य विनम्र व दयालु है। एक बार जयप्रकाश मौर्य दोस्तों के साथ उड़ीसा की पूरी घूमने जा रहे थे तब एक कलेक्टर के राहत कार्यों को देखकर जयप्रकाश मौर्य को उनसे प्रेरणा मिली और आईएएस बनने की प्रेरणा मिली।

हैं चार भाई बहन, पिता के प्रोत्साहन व साथ से बने आईएएस:–

जयप्रकाश मौर्य कुल चार भाई– बहन है। उनके माता-पिता के दो पुत्र व दो पुत्री हैं। तैयारी के दौरान अपने खुद का खर्च वहन करने वह परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं डालने के उद्देश्य से उन्होंने प्राइवेट नौकरी करने की सोची जिससे की वे परिवार को आर्थिक परेशानी से बचा सके। पर उनके पिता ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी में ध्यान देने को कहा ताकि उन्हें लक्ष्य प्राप्ति से भटकना न पड़े।

प्रोफेशनल कैरियर:–

जयप्रकाश मौर्य ने 30 अगस्त 2010 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। वे बिलासपुर के जिला पंचायत सीईओ, रायगढ़ के जिला पंचायत सीईओ रहें है। इसके अलावा सुकमा, धमतरी य राजनंदगांव जिलों के कलेक्टर रहें हैं। जयप्रकाश खनिज संसाधन विभाग के विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रहें है। वे संचालक भौमिकी और खनिकर्म, संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और प्रबन्ध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम रह चुके हैं। वर्तमान में विशेष सचिव उच्च शिक्षा हैं।

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