US Iran Talks: कौन हैं मोहम्मद बागेर गालिबाफ, जिन्हें ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए भेजा है, जानें खामेनेई के करीबी गालिबाफ का इतिहास!
US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू हो गई है। जानिए इस वार्ता में ईरान का नेतृत्व कर रहे कट्टर नेता मोहम्मद बागेर गालिबाफ की प्रोफाइल।
Mohammad Bagher Ghalibaf: अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद अब इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू हो गई है। इस अहम बातचीत में ईरान की अगुवाई मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) कर रहे हैं जिन्हें उनकी कट्टर और सख्त छवि के लिए जाना जाता है। गालिबाफ की इस एंट्री से साफ है कि ईरान बातचीत की मेज पर आसानी से झुकने वाला नहीं है।
दोनों देशों के बीच फिलहाल दो हफ्तों का सीजफायर लागू है और पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने वार्ता के लिए अपनी शर्तों की एक लंबी फिहरिस्त अमेरिका को सौंपी है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक इन शर्तों पर अपना रुख पूरी तरह साफ नहीं किया है जिसके चलते इस शांति वार्ता के नतीजों पर सस्पेंस बना हुआ है।
कौन हैं मोहम्मद बागेर गालिबाफ?
शांति वार्ता की मेज पर अमेरिका के सामने बैठने वाले गालिबाफ को ईरान के सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामेनेई का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। उनके राजनीतिक और मिलिट्री करियर की शुरुआत 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध से हुई थी। उस दौरान वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में शामिल हुए थे। युद्ध के मैदान से शुरू हुआ उनका यह सफर ईरान के पुलिस चीफ के पद तक पहुंचा जहां उनकी छवि एक समझौता न करने वाले सख्त अधिकारी की बन गई।
ईरान की टीम में और कौन कौन शामिल?
गालिबाफ के अलावा ईरान के इस डेलिगेशन में कई और बड़े चेहरे मौजूद हैं। इनमें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती जैसे बड़े नाम शामिल हैं। लेकिन ग्लोबल डिप्लोमैट्स की नजरें पूरी तरह से गालिबाफ पर ही टिकी हुई हैं।
विवादों से रहा है पुराना नाता, लीक हुआ था ऑडियो
गालिबाफ का नाम ईरान में कई बड़े विवादों से भी जुड़ा रहा है। नागरिक आंदोलनों को लेकर उनका रवैया हमेशा कठोर रहा है। साल 1999 और 2003 के छात्र आंदोलनों को बलपूर्वक कुचलने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।
'छड़ी से पीटने' वाला विवाद
साल 2013 में गालिबाफ का एक ऑडियो टेप लीक हुआ था जिसने ग्लोबल मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस ऑडियो में उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि वे विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने और उन्हें 'छड़ी से पीटने' में पूरा विश्वास रखते हैं। अपनी इसी 'लौह पुरुष' वाली शैली और कट्टर विचारधारा के कारण वे आज ईरान की सत्ता में एक बेहद शक्तिशाली नेता माने जाते हैं।