Mukul Choudhary ki jeevani : पापा के सपनों को पूरा करने के लिए छोड़ा घर, मेहनत की भट्ठी में तप बने कुंदन, जानिए कौन हैं मुकुल चौधरी, जिसने KKR को खूब 'कूटा'?
Mukul Choudhary ki jeevani : गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन में केकेआर के खिलाफ राजस्थान के झुंझनू के गुढ़ागौड़जी के 21 साल के इस क्रिकेटर ने वो कारनामा कर दिखाया, जो दुनिया के अच्छे-अच्छे बल्लेबाज भी नहीं कर पाते।
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Mukul Choudhary ki jeevani : मेहनत की भट्ठी में तपकर जो जलते हैं...दुनिया के बाजार में वही सिक्के चलते हैं। लखनऊ सुपरजायंट्स का ये सिक्का अब चलकर नहीं बल्कि दौड़-दौड़कर अपने नाम का डंका बजा रहा है क्योंकि संघर्ष की भट्ठी में तपकर ही वे आज क्रिकेट की दुनिया के कुंदन बन गये हैं।
केकेआर के गढ़ में लगायी सेंध
गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन में केकेआर के खिलाफ राजस्थान के झुंझनू के गुढ़ागौड़जी के 21 साल के इस क्रिकेटर ने वो कारनामा कर दिखाया, जो दुनिया के अच्छे-अच्छे बल्लेबाज भी नहीं कर पाते। ईडन गार्डेन के ऐतिहासिक ग्राउंड पर हाईप्रेशर वाले गेम में मुकुल चौधरी ने झंडे गाड़ते हुए विरोधी गेदबाजों की बखिया उधेड़ दी। लखनऊ सुपरजायंट्स के इस जबरदस्त फिनिशर की ऐसी आंधी चली कि सबकुछ तहस-नहस कर दिया।
6 अगस्त 2004 को राजस्थान के झुंझनू में जन्मे मुकुल चौधरी उस इलाके से ताल्लुक रखते हैं, जहां के अधिकांश युवा आर्मी में जाने का ख्वाब पालते हैं लेकिन मुकुल दलीप चौधरी ने देशसेवा की एक अलग राह चुनी और 22 गज की पट्टी पर धमाल मचाते हुए अपने प्रदेश और इलाके का नाम रौशन कर रहे हैं।
हाईप्रेशर गेम में मुकुल चौधरी की धूम
गुरुवार को केकेआर के खिलाफ मैच में मुकुल चौधरी उसवक्त क्रीज पर आए, जब उनकी टीम लखनऊ सुपरजायंट्स हार के मुहाने पर खड़ी थी। LSG का स्कोर 15वें ओवर तक 7 विकेट के नुकसान पर 128 रन था लिहाजा हर कोई जीत की आस छोड़ चुका था लेकिन ऐसे में मुकुल चौधरी ने कुछ और ही ठान लिया और मात्र 27 गेंदों पर 7 छक्के और 2 चौके की मदद से नाबाद 54 रनों की तूफानी पारी खेल इतिहास रच दिया। मुकुल चौधरी ने आवेश खान के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए महज 22 गेंदों पर 54 रनों की पार्टनरशिप कर दी और केकेआर के जबड़े से जीत छीन ली।
पिता का सपना पूरा करने के लिए छोड़ा घर
राजस्थान का ये क्रिकेटर किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। तूफानी बल्लेबाज मुकुल चौधरी की माने तो ये सफर उनके जन्म के पहले से ही शुरू हो गया था। किसान पिता का एक ही सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर क्रिकेटर बने। हालांकि, परिवार की माली हालत बिल्कुल ठीक नहीं थी लिहाजा मुकुल चौधरी ने क्रिकेट की शुरुआत काफी देर से की। उन्होंने 12-13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने सीकर के एक एकेडमी में ही क्रिकेट का ककहरा सीखा और फिर पापा के सपने को पूरा करने की जिद लेकर जयपुर चले गये।
इस दौरान मुकुल चौधरी के सपनों को उड़ान देने के लिए मां और बहन भी साथ आ गईं ताकि कोई परेशानी न हो। मुकुल बिना किसी टेंशन के क्रिकेट पर फोकस कर सकें। इस दौरान आर्थिक तंगी ने भी पूरे परिवार को काफी परेशान किया लेकिन पिता ने फिर भी हार नहीं मानी और बेटे को क्रिकेटर बनाने की जिद पर अड़े रहे। मुकुल चौधरी ने जयपुर में अरावली क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की, जहां वे साथी खिलाड़ी कार्तिक शर्मा और अशोक शर्मा के साथ प्रैक्टिस करते थे।
क्रिकेट का सफर नहीं रहा आसान
मुकुल चौधरी का क्रिकेट का सफर कभी आसान नहीं रहा। एक तरफ संसाधनों की कमी थी तो दूसरी तरफ परिवार की माली हालत भी ठीक नहीं थी लिहाजा मुकुल चौधरी कभी-कभी फ्रेस्ट्रेट हो जाते थे लेकिन परिवार के सपोर्ट की वजह से वे टिके हुए थे। जयपुर में कुछ साल प्रैक्टिस करने के बाद वे गुरुग्राम आ गये ताकि उन्हें अच्छी मैच प्रैक्टिस मिल सके। वे टी20 क्रिकेट के हिसाब से खुद को ढालने के लिए जीतोड़ मेहनत करने लगे। 3-4 महीने गुरुग्राम में रहे और दिल्ली में खूब मैच खेले।
पिता को कब हुआ बेटे पर विश्वास?
क्रिकेटर मुकुल चौधरी की माने तो उनके पापा को मुझपर उसवक्त विश्वास हो गया, जब U19 के एक लो स्कोरिंग मैच में मुश्किल वक्त में शानदार बल्लेबाजी की और अपनी टीम को जीत दिला दी। इस मैच के बाद पापा का विश्वास मुझपर और दृढ हो गया।
मुकुल चौधरी का अबतक का रिकॉर्ड
गौरतलब है कि मुकुल चौधरी ने अबतक 4 प्रथम श्रेणी, 5 लिस्ट ए और 10 टी20 मुकाबले खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 17.16 की औसत से 103 रन अबतक बनाए हैं, वहीं लिस्ट ए में 14.20 की औसत से 71 रन बनाए हैं जबकि टी20 क्रिकेट में 164.70 की स्ट्राइक रेट से 280 रन बनाए हैं। इनमें तीन हाफ सेंचुरी भी शामिल है।