Alankar Agnihotri Profile: 10 साल में पिता को खोया, 10 साल नौकरी के बाद बने अफसर, अब ‘शंकराचार्य विवाद’ में इस्तीफा, जानिए कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?
Alankar Agnihotri Profile: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात रहे Alankar Agnihotri ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
Alankar Agnihotri Profile: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात रहे Alankar Agnihotri ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने UGC के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए और शंकराचार्य व संत समाज के अपमान के विरोध में यह कदम उठाया है। इसके बाद से देशभर में यह सवाल पूछा जा रहा है- आख़िर अलंकार अग्निहोत्री कौन हैं और उनका सफ़र कैसा रहा?
माघ मेला, शंकराचार्य विवाद और इस्तीफे की वजह
माघ मेले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी तापमान पहले से ही ऊँचा है। Swami Avimukteshwaranand के स्नान को लेकर प्रशासन और उनके बटुकों के बीच टकराव की खबरें सामने आईं। इसी बीच UGC के हायर एजुकेशन से जुड़े नए नियमों पर भी तीखा विरोध शुरू हुआ। अलंकार अग्निहोत्री ने इन दोनों मुद्दों को जोड़ते हुए कहा कि वे शंकराचार्य और संतों का अपमान स्वीकार नहीं कर सकते। इसी नैतिक असहमति के आधार पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
कानपुर से बरेली तक का सफ़र
अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा।
- 10 साल की उम्र में पिता का निधन हो गया था
- परिवार की जिम्मेदारियाँ कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं
- वे अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान हैं
- इन परिस्थितियों ने उनके व्यक्तित्व और फैसलों को गहराई से प्रभावित किया।
IIT से IT नौकरी, फिर सिविल सेवा
शिक्षा की बात करें तो अलंकार अग्निहोत्री ने 12वीं तक की पढ़ाई कानपुर से की। इसके बाद उन्होंने IIT BHU से बीटेक किया। बीटेक के बाद उन्होंने करीब 10 साल तक एक आईटी कंपनी में कंसल्टेंट के तौर पर काम किया। इसी दौरान उनका विवाह हुआ। उनकी पत्नी का नाम आस्था मिश्रा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि आईटी सेक्टर में काम करने से वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुए जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी का फैसला लिया।
UPPSC 2016: 15वीं रैंक से अफसर बने
- 10 साल की निजी नौकरी के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने UPPSC की परीक्षा दी।
- UPPSC 2016 में 15वीं रैंक हासिल की
- 2019 में उन्नाव SDM के रूप में पहली पोस्टिंग
- इसके बाद बलरामपुर और एटा में भी SDM रहे
- लखनऊ नगर निगम में असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर की जिम्मेदारी निभाई
- हाल ही में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे
क्यों अहम है यह इस्तीफा?
अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं माना जा रहा बल्कि इसे नैतिक असहमति और वैचारिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है। UGC नियमों शंकराचार्य विवाद और एक सिविल अफसर के खुले विरोध ने इस मामले को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।
कानपुर से लेकर बरेली तक का अलंकार अग्निहोत्री का सफ़र संघर्ष, मेहनत और सिद्धांतों से भरा रहा है। अब उनका इस्तीफा यह सवाल छोड़ जाता है कि आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था और वैचारिक मतभेदों के बीच संतुलन कैसे बनेगा।