UP Board Exam 2026 Begins : यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज: 53 लाख छात्र दे रहे परीक्षा, एंट्री से एडमिट कार्ड तक ये 5 नियम जानना है बेहद जरूरी
UP Board Exam 2026 Begins : उत्तर प्रदेश में आज से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, जिसमें कुल 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. पहले दिन दोनों ही कक्षाओं के लिए हिंदी का पेपर आयोजित किया गया है, जिसके लिए प्रदेश भर के 8033 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने नकल रोकने के लिए सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर के जरिए सीधी निगरानी की व्यवस्था की है.
UP Board Exam 2026 Begins : यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज: 53 लाख छात्र दे रहे परीक्षा, एंट्री से एडमिट कार्ड तक ये 5 नियम जानना है बेहद जरूरी
UP Board Exam 2026 Begins : प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में आज से यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की शुरुआत हो गई है. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की इन परीक्षाओं को लेकर प्रदेश भर के छात्र-छात्राओं में उत्साह के साथ-साथ थोड़ी घबराहट भी है. आज पहले दिन 10वीं और 12वीं दोनों ही क्लास के बच्चों का हिंदी का पेपर है. सुबह की पाली में हाईस्कूल के छात्र परीक्षा दे रहे हैं, वहीं दोपहर की पाली में इंटर के छात्रों की परीक्षा होगी.
परीक्षा का समय और कड़े नियम
इस बार बोर्ड ने समय को लेकर बहुत सख्ती दिखाई है. पहली शिफ्ट सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर 11:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगी. छात्रों को निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम एक घंटा पहले सेंटर पहुंच जाएं, क्योंकि परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे. देरी से आने वालों को अंदर नहीं जाने दिया जायेगा.
नकल रोकने के लिए खास प्लान
इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी मैदान में हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बोर्ड ने प्रदेश के 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है, जहां 20 खास केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि कोई मोबाइल या ब्लूटूथ का इस्तेमाल न कर सके. 8033 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीधे लखनऊ के कमांड सेंटर से 24 घंटे नजर रखी जा रही है. अगर कोई नकल करते पकड़ा गया तो उसे एक साल के लिए परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा. वहीं, नकल कराने वाले गैंग या सेंटर पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 7 साल की जेल हो सकती है.
छात्रों के लिए जरूरी बातें
बोर्ड ने साफ किया है कि बिना एडमिट कार्ड के एंट्री नहीं मिलेगी. अगर किसी का कार्ड खो जाता है, तो केंद्र प्रभारी रिकॉर्ड चेक करके परमिशन दे सकते हैं. लड़कियों की तलाशी केवल महिला स्टाफ ही लेगा. साथ ही, बच्चों को सलाह दी गई है कि अपनी डेस्क पर बैठने से पहले चेक कर लें कि वहां कोई कागज तो नहीं पड़ा है, वरना बिना वजह परेशानी झेलनी पड़ सकती है. मोबाइल, स्मार्ट वॉच और कैलकुलेटर जैसी चीजें पूरी तरह बैन हैं.
खास बात यह है कि शिक्षा की पहुंच जेलों तक भी पहुंच गई है. यूपी की जेलों में बंद 360 कैदी भी इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होकर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर रहे हैं.
यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी 5 सबसे जरूरी बातें
समय का रखें ध्यान : हाईस्कूल की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से और इंटर की दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी. गेट आधा घंटा पहले बंद हो जाएगा, इसलिए सेंटर पर जल्दी पहुंचना जरूरी है.
एडमिट कार्ड है अनिवार्य : बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं मिलेगी. अगर यह खो जाता है, तो तुरंत अपने केंद्र प्रभारी से संपर्क करें.
क्या न ले जाएं : मोबाइल, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या कोई भी बिजली वाला सामान साथ न रखें, ये सब पूरी तरह से बैन है.
नकल पर कड़ाई : हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. अगर कोई नकल करते पकड़ा गया, तो उसे एक साल तक परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा.
तलाशी के नियम : छात्राओं की चेकिंग केवल महिला टीचर ही करेंगी. अपनी सीट पर बैठने से पहले आस-पास जरूर चेक कर लें कि कोई कागज का टुकड़ा तो नहीं गिरा है.
पिछले साल के मुकाबले इस बार पहले शुरू हुई बोर्ड परीक्षा
पिछले साल यानी 2025 में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू हुई थीं, जबकि इस बार 2026 में परीक्षाएं थोड़ा जल्दी 18 फरवरी से ही शुरू कर दी गई हैं. पिछले साल भी परीक्षाओं का आगाज़ हिंदी के पेपर के साथ हुआ था और करीब 54 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था. बोर्ड ने इस बार परीक्षा कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव करते हुए इसे फरवरी के मध्य में ही शुरू करने का फैसला लिया, ताकि सत्र को समय पर पूरा किया जा सके और रिजल्ट भी जल्दी घोषित हो सके.