Teacher Nidhi Sharma Baghpat Case : इंसाफ की आस में खून की चिट्ठी : बागपत में महिला टीचर ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, कॉलेज प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

Teacher Nidhi Sharma Baghpat Case : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने रही है, यहाँ एक महिला टीचर ने सिस्टम से हारकर इंसाफ के लिए खौफनाक रास्ता चुना है

Update: 2026-01-13 07:03 GMT

Teacher Nidhi Sharma Baghpat Case : इंसाफ की आस में खून की चिट्ठी : बागपत में महिला टीचर ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, कॉलेज प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

बागपत (उत्तर प्रदेश) : Baghpat Teacher Blood Letter Case : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने रही है, यहाँ एक महिला टीचर ने सिस्टम से हारकर इंसाफ के लिए खौफनाक रास्ता चुना है, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से बुरी तरह टूट चुकी टीचर निधि शर्मा ने अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग कर रही है, कल सोमवार को जब निधि शर्मा अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं, तो वहां मौजूद लोग यह देखकर दंग रह गए, अपने खून से लिखे ज्ञापन को उन्होंने DM अस्मिता लाल को सौंपा, जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया

Baghpat Teacher Blood Letter Case : कॉलेज प्रबंधक पर प्रताड़ना के आरोप

पीड़ित महिला टीचर निधि शर्मा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कॉलेज प्रबंधन की काली करतूतों का खुलासा किया है, निधि मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली हैं और साल 2022 में उनका चयन बागपत के हजारी लाल इंटर कॉलेज में हुआ था निधि का आरोप है कि कॉलेज के प्रबंधक राजेंद्र सिंह भाटी जो पहले प्रिंसिपल था उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे हैं, महिला टीचर का कहना है कि प्रबंधक की हरकतों ने उन्हें इस कदर मजबूर कर दिया है की अब उनके पास जीने का कोई रास्ता नहीं बचा है।

योगी सरकार से लेकर प्रशासन तक गुहार

हैरानी की बात यह है कि निधि शर्मा इस मामले की शिकायत प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से पहले भी कई बार कर चुकी थी, लेकिन उसकी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं मिला, निधि का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए, इसी अनदेखी से परेशान होकर उसने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और पूरे परिवार के साथ मौत की इजाजत मांगी, धरने के दौरान मौजूद लोगों ने भी आरोपी प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

जांच का आश्वासन और मानवाधिकार संगठनों की एंट्री

इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है, मानवाधिकार संगठनों ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की हैं, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने निधि शर्मा का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और भरोसा दिलाया है की, मामले की गहराई से जांच की जाएगी, लेकिन सवाल ये उठता है की आखिर एक शिक्षिका को अपना खून बहाकर इंसाफ मांगने की नौबत क्यों आई

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