Allahabad High Court: कानून नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दें... DM-SP को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, आखिर क्यों कहा ऐसा

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में रमजान के दौरान नमाज पढ़ने वालों की संख्या सीमित किये जाने वाले प्रशासन के फैसले पर सख्त रूख लिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन के आदेश को खारिज करते हुए एसपी और डीएम को तबादला या इस्तीफा देने की बात कह दी.

Update: 2026-03-14 10:56 GMT

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14 मार्च 2026, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में रमजान के दौरान नमाज पढ़ने वालों की संख्या सीमित किये जाने वाले प्रशासन के फैसले पर सख्त रूख लिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन के आदेश को खारिज करते हुए एसपी और डीएम को तबादला या इस्तीफा देने की बात कह दी.

हाई कोर्ट ने SP और DM से क्यों कहा इस्तीफा के लिए 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, प्रशासन का काम है हर परिस्थिति में कानून व्यवस्था बनी रहे, अगर अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को लगता है कि कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते तो इस्तीफा दें या तो तबादला करवा लें. 

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, पूरा मामला संभल नमाज का है. गाटा संख्या 291 में नमाज को लेकर यह सुनवाई चल रही है. प्रशासन ने यहाँ नमाज अदा करने के लिए लोगों की संख्या सीमित की है. पुलिस अधिकारियों और प्रशासन ने ज्यादा भीड़ होने के कारण नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था. 

किसने दायर की थी याचिका 

प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल की थी. जिसमे आरोप लगाया गया था 16 जनवरी को निजी आवास के अंदर उन्हें नमाज पढ़ने नहीं दिया गया था. जो उच्च न्यायालय के आदेश का उलंग्घन है. उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य नहीं है.

16 मार्च को फिर होगी सुनवाई

इसी को लेकर आज जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई है. जिसमे पुलिस प्रशासन द्वारा कहा गया, ज्यादा भीड़ होने से सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई जा सकती है. ऐसे में संख्या सीमित रखी जानी चाहिए. इसपर हाईकोर्ट ने कहा, निजी संपत्ति पर पूजा या नमाज के लिए किसी अनुमति की आवश्कता नहीं है. 

हाईकोर्ट ने आगे कहा, अगर लगता है सुरक्षा -व्यवस्था नहीं संभाल सकते तो स्थानीय अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीँ अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी. 


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