प्रयागराज में बवाल: मशहूर न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर छेड़खानी का आराप, क्लिनिक में उतरवाए कपड़े? मुकदमा दर्ज! जानिए पूरा मामला?

Prayagraj News: प्रयागराज के न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर छात्रा से छेड़खानी का केस दर्ज। क्लिनिक में 'बैडटच' के आरोपों के बाद पुलिस ने शुरू की जांच।

Update: 2026-04-02 13:10 GMT

प्रयागराज 2 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक नामी न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ छेड़खानी और 'बैडटच' (Bad Touch) के आरोप में FIR दर्ज की गई है। शहर के सिविल लाइंस इलाके में बुधवार रात एक 24 वर्षीय बीए (BA) छात्रा ने डॉक्टर पर क्लिनिक के अंदर बदतमीजी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर उसे मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है।

रात 10:30 बजे केबिन में क्या हुआ?

पीड़िता के अनुसार वह माइग्रेन के इलाज के लिए अपने भाई के साथ क्लाइव रोड स्थित डॉक्टर के घर/क्लिनिक पहुंची थी। छात्रा का नंबर 74वां था। आरोप है कि जब रात करीब 10:30 बजे उसका नंबर आया तो डॉक्टर ने जांच के नाम पर अन्य मरीजों को बाहर निकाल दिया और केबिन के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। छात्रा का दावा है कि डॉक्टर ने जबरन उसके कपड़े उतरवाए और गंदी नीयत से उसे छुआ। विरोध करने पर डॉक्टर ने उसे धमकाया भी।

क्लिनिक के बाहर भारी हंगामा

छात्रा जब रोते हुए केबिन से बाहर निकली और उसने परिजनों को आपबीती सुनाई तो वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने क्लिनिक का घेराव कर लिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्रा रोते हुए डॉक्टर से सवाल पूछ रही है और डॉक्टर बचाव करते नजर आ रहे हैं। हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर ने गेट अंदर से बंद कर लिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

डॉक्टर का बचाव: 'वो डिप्रेशन की पेशेंट है'

इस मामले में 55 वर्षीय डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वे केवल छात्रा के पेट का परीक्षण (Examine) कर रहे थे। डॉक्टर ने तर्क दिया कि छात्रा पिछले कई सालों से उनसे इलाज करा रही है और वह 'साइकोसिस' (अवसाद) की मरीज है। उन्होंने यह भी कहा कि फीमेल स्टाफ केवल 3 मिनट के लिए दूसरे मरीज को इंजेक्शन लगाने गई थी, तभी यह गलतफहमी पैदा हुई।

कौन हैं डॉ. कार्तिकेय शर्मा?

डॉ. कार्तिकेय शर्मा प्रयागराज के बेहद प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जन हैं। उन्होंने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और लखनऊ के SGPGI से एमसीएच (MCH) किया है। वे 2004 में तब सुर्खियों में आए थे जब उनका अपहरण कर लिया गया था। बाद में करोड़ों की फिरौती की चर्चाओं के बीच उन्हें रिहा किया गया था।

पुलिस की कार्रवाई

एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया कि छात्रा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस क्लिनिक के सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

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