कानपुर में दबंगों का नंगा नाच : दलित बस्ती में अंधाधुंध फायरिंग और आगजनी, महिलाओं और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा
Kanpur Dalit Basti Attack : सजेती के मढ़ा गांव में ट्रैक्टर निकालने के विवाद में दबंगों ने दलित बस्ती पर धावा बोल दिया. गाड़ियों में भरकर आए हमलावरों ने जमकर फायरिंग की और एक घर को आग के हवाले कर दिया. इस खूनी संघर्ष में महिलाओं और बुजुर्गों समेत 5 लोग लहूलुहान हुए हैं.
कानपुर में दबंगों का नंगा नाच : दलित बस्ती में अंधाधुंध फायरिंग और आगजनी, महिलाओं और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा
Kanpur Dalit Basti Attack : कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में दबंगों ने एक दलित बस्ती में जमकर तांडव मचाया. सजेती थाना क्षेत्र के मढ़ा गांव में शनिवार शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब गाड़ियों में भरकर आए हमलावरों ने न केवल लोगों को लाठी-डंडों से पीटा, बल्कि दहशत फैलाने के लिए गोलियां भी चलाईं. इस हमले में एक घर को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
मामूली विवाद से भड़की हिंसा
खून-खराबे की यह शुरुआत शनिवार दोपहर को हुई थी. बताया जा रहा है कि रास्ते से ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी. दोपहर में हुई मारपीट के बाद मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन दूसरे पक्ष के मन में बदले की आग सुलग रही थी. शाम होते-होते इस रंजिश ने बड़े हमले का रूप ले लिया.
बस्ती पर धावा और बेदर्दी से मारपीट
गांव वालों के मुताबिक, शाम को कई कारों में सवार होकर हमलावर अचानक दलित बस्ती में घुस आए. गाड़ियों से उतरते ही उन्होंने गड़ासों और डंडों से हमला बोल दिया. चश्मदीदों का आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा. उनके साथ मारपीट की गई. दहशत पैदा करने के लिए बदमाशों ने हवा में कई राउंड फायरिंग की और एक घर को आग लगा दी. इस हमले में 5 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है.
प्रधान के बेटे पर लगा हमले का आरोप
पीड़ितों ने पुलिस को दिए बयान में सीधा आरोप लगाया है कि इस पूरे हमले की साजिश और अगुवाई सरगांव ग्राम प्रधान के बेटे ने की है. आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ पूरी तैयारी के साथ आया था ताकि दोपहर के अपमान का बदला ले सके.
विधायक की नाराजगी के बाद एक्शन में पुलिस
घटना की खबर मिलते ही घाटमपुर विधायक सरोज कुरील तुरंत घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने पीड़ित परिवार की आपबीती सुनी और मौके पर ही डीसीपी साउथ को फोन कर कड़ी फटकार लगाई. विधायक ने साफ कहा कि दलित परिवार के साथ ऐसी दरिंदगी और आगजनी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया.
सजेती थाना प्रभारी अनुज कुमार भारती का कहना है कि ट्रैक्टर निकालने के विवाद में यह घटना हुई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार हमलावरों को पकड़ने के लिए जगह-जगह तलाशी की जा रही है. गांव में अभी भी माहौल काफी गर्म है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है, हालांकि फिलहाल हालात काबू में बताए जा रहे हैं.
दबंगों के दबंगई के ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं
कानपुर का बिकरू कांड 2020 : कानपुर के बिकरू गांव में 3 जुलाई 2020 की रात वह खौफनाक मंजर देखने को मिला था, जिसने पूरे देश को हिला दिया था. कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर अपराधियों ने छतों से अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं. इस कायराना हमले में एक डीएसपी समेत उत्तर प्रदेश पुलिस के 8 जांबाज जवान शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की, जिसमें विकास दुबे सहित उसके कई साथी एनकाउंटर में मारे गए और पूरा बिकरू गांव छावनी में तब्दील हो गया था.
हाथरस कांड 2020 : सितंबर 2020 में हाथरस के एक गांव में दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी ने देश को हिलाकर रख दिया था. इस मामले में गांव के ही दबंगों पर पीड़िता के साथ मारपीट और गंभीर अपराध के आरोप लगे थे. इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में पीड़िता की मौत के बाद, पुलिस द्वारा रात के अंधेरे में जबरन अंतिम संस्कार किए जाने पर भारी जनाक्रोश भड़क उठा था. इस घटना ने न केवल जातिगत भेदभाव के मुद्दे को गरमाया, बल्कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.