UPSC : 99 बड़ा या 100 ? इंटरव्यू में पूछे सवाल पर आयुष ने दिया था दिलचस्प जवाब…. पहली बार PT भी नहीं कर पाये थे पास, दूसरी बार में UPSC कर लिया क्लियर….रायपुर में ही रहकर की पूरी तैयारी, अब बन सकते हैं IPS

Update: 2020-08-04 15:33 GMT

 

रायपुर 4 अगस्त 2020। …कौन कहता है नाकामी मायूस कर देती है, वो कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी तो देती है ? ….कौन कहता है UPSC के लिए चौबीसों घंटे पढ़नी होती है, हंसते-मुस्कुराते भी तो तैयारी की जा सकती है ?….कौन कहता है IAS-IPS बनने दिल्ली जाना पड़ता है, रायपुर में मेहनत भी तो UPSC क्लियर करा देती है?….रायपुर के आयुष की कामयाबी कुछ इन्ही सवाल-जवाव के दौर से गुजरते हुए मुकाम पर पहुंची है। मंगलवार की सुबह UPSC के रिजल्ट में आय़ुष खरे को 267 वीं रैंक मिली है।

23 साल की उम्र और 3 साल की मेहनत के बदले मिला ये मुकाम आयुष के चेहरे पर मुस्कान तो भर रही है, लेकिन दिल और दिमाग लगता है अभी कुछ और तलाश कर रहा है। NPG के साथ अपने अनुभव को बयां करते आयुष बताते हैं , 267वीं रैंक मिली है संतोषप्रद तो है, लेकिन जब तक ये मालूम नहीं चल जाये कि मुझे मिलेगा (IAS-IPS या IRS) क्या ? तब तक कुछ तय नहीं कर पाऊंगा कि मुझे आगे एग्जाम देनी है या नहीं।

इस दौरान आयुष अपने कामयाबी के सफर में कई दफा पार्थ IAS अकादमी और अपने सहयोगी व मोटिवेटर अमन जैन का नाम लेते हैं, वो बताते हैं कि उन्होंने हमेशा उनका सपोर्ट किया। उस वक्त भी किया, जब मैं पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सका था। मूल विषय ज्योग्राफी के साथ यूपीएससी की परीक्षा देने वाले आयुष के माता-पिता दोनों लेक्चरर हैं। वो बताते हैं कि उन्हें घर में हमेशा पढ़ने का माहौल मिला और उनकी कामयाबी में इसी माहौल की बड़ी भूमिका रही।

इंटरव्यू देने पहली बार दिल्ली गया

ये पूछे जाने पर कि यूपीएससी के लिए एक बात प्रचलित है कि तैयारी तो दिल्ली में ही होती है, आप इससे कितने सहमत है। जवाब में आयुष बताते हैं कि मुझे देखिये, मैंने तो पूरी तैयारी ही रायपुर से की। पार्थ आईएएस अकादमी में कोचिंग ली और फिर सेल्फ स्टडी की। आज नतीजा सबके सामने है। मैं तो दिल्ली भी पहली बार तब गया, जब पीटी और मेंस क्लियर करने के बाद इंटरव्यू देने के लिए कॉल आया था।

रायपुर में ही की पूरी तैयारी

आयुष बताते हैं कि मेरा बहुत क्लियर मानना है कि तैयारी केलिए क्वालिटी मेहनत की जरूरत होती है, ना कि क्वांटिटी की। आप खूब सारी पढ़ाई करो, उससे बेहतर है कि कम पढ़ाई क्लियर कांसेप्ट के साथ करो। मैंने चार से पांच घंटे ही पढ़ाई की, लेकिन कंटिन्यू में की। बीच-बीच में गैप हुआ, लेकिन कोशिश रही कि कंटियूनिटी बरकरार रहे। मैंने रायपुर में ही पूरी तैयारी की

99 बड़ा है या 100

यूपीएससी में इंटरव्यू के दौरान कई बार गंभीर सवालों के बीच कुछ दिलचस्प सवाल भी अभ्यर्थियों से कर दिये जाते हैं। आय़ुष के पैनल में सवाल हुआ था कि 99 बड़ा होता है या 100? जवाब में आयुष ने बताया 100, तो पैनल में सवाल किया गया कि आप अपने जिंदगी से अनुभव से बताईये कि 99 बड़ा होता है।

टीएन शेषण से हैं बेहद प्रभावित

दिवंगत आईएएस और पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषण से आयुष खरे बेहद प्रभावित हैं। वो कहते हैं कि मैं रियल लाइफ में शेषण सर से काफी प्रभावित हूं और उनके बारे में बहुत सारी किताबें पढ़ी है। मुझे लगता है कि प्रशासनिक तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों को उनसे काफी सीख मिल सकती है।

IPS मिला तो पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी पर रहेगा जोर

आयुष बताते हैं कि छत्तीसगढ़ को लेकर उनके मन में काफी कुछ सोच है। खासकर अगर उन्हें आईपीएस मिलता है तो वो जरूर नक्सल इलाकों में काम करना चाहेंगे। पुलिसिंग को लेकर उनकी सोच है कि वो पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी को लागू करना चाहते हैं। जिस तरह से नये-नये तरीके से क्राइम हो रहे हैं, उसे सुलझाने के लिए तकनीक का प्रयोग और इन्वेस्टिगेशन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर उनका जोर रहेगा।

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