Windows 10 सपोर्ट बंद होने के बीच Google का बड़ा कदम, ₹279 में पुराने लैपटॉप को मिलेगी नई लाइफ
Google Back Market Partnership: Google ने Back Market के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप की है, ताकि पुराने लैपटॉप को बेकार होने से बचाया जा सके। अब मात्र ₹279 में नई ChromeOS Flex USB Kit लॉन्च की गई है। इसकी मदद से आप अपने पुराने विंडोज या मैक पीसी को फिर से सुपरफास्ट बना सकते हैं और ई-वेस्ट कम कर सकते हैं।
Image: backmarket.com
Google Back Market Partnership: माइक्रोसॉफ्ट जल्द ही विंडोज 10 का सपोर्ट बंद करने जा रहा है। इस फैसले के बाद दुनिया भर में करोड़ों कंप्यूटर और लैपटॉप के बेकार होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में कई यूजर्स के सामने मुश्किल है कि वे नया लैपटॉप खरीदें या असुरक्षित सिस्टम इस्तेमाल करते रहें।
इसी समस्या को सुलझाने के लिए गूगल ने एक नई पहल की है। blog.google के मुताबिक, कंपनी पुराने पीसी और मैक को दोबारा काम के लायक बनाने पर काम कर रही है।
क्या है गूगल का नया समाधान
गूगल ने रिफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म 'Back Market' के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत एक खास 'ChromeOS Flex USB Kit' लॉन्च की गई है। इस किट की मदद से आप अपने पुराने कंप्यूटर में गूगल का नया और हल्का ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल कर सकते हैं।
दरअसल, क्रोम ओएस फ्लेक्स (ChromeOS Flex) एक फ्री सॉफ्टवेयर है, जिसे गूगल की साइट यानि chromeos.google से भी डाउनलोड किया जा सकता है। लेकिन जो लोग तकनीकी जानकारी नहीं रखते, उनके लिए बैक मार्केट (Back Market) की आधिकारिक वेबसाइट backmarket.com पर यह फिजिकल किट उपलब्ध कराई गई है।
ChromeOS Flex USB Kit में क्या मिलेगा
ChromeOS Flex USB Kit किट की कीमत 3 डॉलर यानी लगभग 279 रुपये रखी गई है। इसमें एक यूएसबी ड्राइव (पेनड्राइव) मिलती है, जिसमें ओएस पहले से लोड होता है। इसके साथ आसान गाइड और वीडियो ट्यूटोरियल भी दिए गए हैं ताकि कोई भी इसे घर बैठे इंस्टॉल कर सके।
यही वजह है कि इसे उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो इंस्टॉलेशन के प्रोसेस को मुश्किल समझते हैं। यह पेनड्राइव रियूजेबल है, यानी इसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद आप अन्य कामों के लिए भी प्रयोग में ला सकते हैं।
पुराने हार्डवेयर को मिलेगी नई लाइफ
किसी भी नए लैपटॉप को बनाने में काफी ज्यादा कार्बन उत्सर्जन होता है, जो पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है। गूगल का मानना है कि नया डिवाइस खरीदने के बजाय मौजूदा हार्डवेयर को लंबे समय तक चलाना एक बेहतर विकल्प है।
ChromeOS Flex डालने के बाद पुराना लैपटॉप पहले से काफी तेज हो जाता है। गूगल के मुताबिक, यह ऑपरेटिंग सिस्टम अन्य सिस्टम के मुकाबले औसतन 19% कम बिजली की खपत करता है। इससे न सिर्फ लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ती है, बल्कि बिजली की भी बचत होती है।
ई-वेस्ट कम करने की बड़ी कोशिश
गूगल ने सॉफ्टवेयर सपोर्ट के मामले में अपनी नीति बदली है। कंपनी अब क्रोमबुक के लिए 10 साल और पिक्सल फोन के लिए 7 साल तक अपडेट देने का काम कर रही है। ई-वेस्ट को कम करने के लिए गूगल ने 'Closing the Loop' जैसी संस्थाओं से भी हाथ मिलाया है।
अब अगर आपके पास भी पुराना मैक या विंडोज लैपटॉप है, तो आप गूगल की सपोर्ट वेबसाइट पर जाकर 'Certified Models List' चेक कर सकते हैं। वहां उन सभी लैपटॉप के नाम दिए गए हैं जिन पर यह नया सिस्टम आसानी से काम करेगा। यह तरीका उन लोगों के लिए सबसे सस्ता और सुरक्षित है जो अपने पुराने डिवाइस को कबाड़ होने से बचाना चाहते हैं।
ध्यान दें कि गूगल की सर्टिफाइड लिस्ट में केवल वही मॉडल्स हैं जिन्हें पूरी तरह टेस्ट किया जा चुका है। अगर आपका मैकबुक लिस्ट में नहीं है, तो भी आप इसे ट्राई कर सकते हैं, हालांकि कुछ फीचर्स में दिक्कत आ सकती है।