सिंहदेव का चेक बाउंस, मचा बवाल : विधायक निधि का सांसद निधि में समायोजन.. 32 करोड़ का गलत समायोजन.. अधिकारी सस्पेंड

Update: 2021-08-13 09:57 GMT

अंबिकापुर,13 अगस्त 2021। सांसद निधि से 25 करोड़ रुपए स्वीकृति की जगह पर नियम विरुद्ध तरीक़े से 32 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए गए। ज़िला सांख्यिकी अधिकारी ने अंतर की राशि को समायोजित करने के लिए विधायक मद की राशि का उपयोग कर लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जबकि स्वीकृत कार्यों के लिए विधायक टी एस सिंहदेव ने चेक जारी किया और वह बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने की खबर मिलते ही हड़कंप मच गया और इसकी जाँच कलेक्टर ने कराई।
मामला वर्ष 2014 से 2019 के बीच का है, यह वह समय है जबकि पहले सिंहदेव विधायक थे और फिर स्वास्थ्य मंत्री बने, इस कार्यकाल में सांसद के रुप में पहले कमलभान सिंह और फिर श्रीमती रेणुका सिंह सांसद बनीं। यह गड़बड़ी सिंहदेव की विधायक निधि और सांसद की निधि में की गई।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार 2014 से 2019 के बीच सांसद निधि से 25 करोड़ स्वीकृत करना था लेकिन ज़िला सांख्यिकी कार्यालय ने 32 करोड़ स्वीकृत कर दिए और जबकि राशि घटी तो विधायक निधि की राशि उसमें समायोजित कर दी गई।
कलेक्टर संजीव झा ने इसकी जाँच समिति बनाकर कराई, जाँच में यह पुष्टि हुई कि विधायक निधि की राशि को सांसद निधि में समायोजित कर दिया गया था, और यह राशि करीब सात करोड़ तक पहुँची है।
कलेक्टर सरगुजा ने समिति की रिपोर्ट के बाद उसे राज्य सरकार को भेज दिया जिसके बाद ज़िला सांख्यिकी अधिकारी एस के तिर्की को निलंबित कर दिया गया है। एस के तिर्की के विरुद्ध विभागीय जाँच भी शुरु हो गई है, उन्हें आरोप पत्र जारी कर दिया गया है।

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