साधु का मर्डर!.. श्रीराम भूमि ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल के शिष्य का गला रेता मिला शव, हत्या या आत्महत्या?

Update: 2021-03-13 06:09 GMT

नईदिल्ली 13 मार्च 2021. संदिग्ध परिस्थितियों में एक साधु की गला कटने से मौत हो गई। घटना अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के मणिरामदास छावनी की है। यह स्थान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का है। शनिवार सुबह काफी देर तक साधु का कमरा न खुलने पर मंदिर के कार्यकर्ताओ ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर साधु घायल अवस्था में पड़े थे। उनका गला रेता हुआ था। इलाज के लिए साधु को श्रीराम अस्पताल लाया गया, जहां स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उनको मृत घोषित कर दिया। साधु का नाम हरिभजन दास था। वह 55 वर्ष के थे।

फिलहाल यह बता पाना मुश्किल है कि यह हत्या है या आत्महत्या। यह जांच का विषय है। इस सम्बंध में क्षेत्राधिकारी अयोध्या राजेश कुमार राय ने बताया कि उन्हें सुबह मणिरामदास छावनी से सूचना मिली कि यहां के एक साधु ने धारदार हथियार से अपना गला रेत लिया है। वह माैके पर पहुंचे। उन्हाेंने बताया कि जिला हास्पिटल ले जाते समय साधु हरिभजन दास की माैत हाे गई। वह हमेशा डिप्रेशन में रहता था। उसने सब्जी काटने वाले चाकू से अपना गला रेत लिया है। उसके कमरे में जमीन पर बहुत सारा खून और बगल में चाकू पड़ा था। इसी चाकू से उसने अपना गला रेता है। इसके अलावा कमरे में अन्य सामान अपने यथास्थान पर थे। उनसे किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं किया गया है। इससे साफ पता चलता है कि साधु ने सुसाइड किया है। उसकी लाश काे पाेस्टमार्टम के लिए भेंज दिया गया है। पुलिस की छानबीन जारी है।

मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बताया कि मृतक साधु उनका गुरु भाई है। जाे मूल रूप दरभंगा का रहने वाला था। वह छावनी में 30 वर्षाें से निवास कर रहा था। उसका साेमनाथ, गुजरात में एक छाेटा सा मंदिर रहा जाे सड़क विस्तारीकरण में चला गया, जिसके कारण वह हमेशा डिप्रेशन में रहता था।

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