केके ध्रुव की जीवनी | KK Dhruv Biograpgy In Hindi

KK Dhruv Biograpgy In Hindi: पेशे से डाक्टर केके ध्रुव सरकारी चिकित्सक थे। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से खाली मरवाही सीट से कांग्रेस ने उप चुनाव में उतारा और ध्रुव ने जीत हासिल कर मरवाही सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी।

Update: 2023-01-16 12:18 GMT

KK Dhruv Biograpgy In Hindi: विधायक केके ध्रुव का पूरा नाम डॉक्टर कृष्ण कुमार ध्रुव है। वे जीपीएम जिले के मरवाही विधानसभा ( क्षेत्र क्रमांक-24) उपचुनाव में मरवाही विधानसभा से पहली बार कांग्रेस की सीट से विधायक चुने गए हैं। डॉक्टर ध्रुव छतीसगढ़ के कोरबा जिले में 7 दिसंबर सन 1963 को हुआ। उनके पिता का नाम स्व. देव सिंह ध्रुव है। पर वे स्थाई रूप से तब के बिलासपुर जिले और वर्तमान के जीपीएम जिले के मरवाही तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम कुम्हारी के रहने वाले हैं। केके ध्रुव का एक मकान राजधानी रायपुर में दंतेश्वरी मंदिर के पीछे डंगनिया में भी है। उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री ली है और फिर मानव सेवा के व्यवसाय में आकर डॉक्टरी के पेशे को अपनाया। 3 अप्रैल सन 1985 को उनका विवाह श्रीमती धनेश्वरी ध्रुव के साथ हुआ। डॉक्टर केके ध्रुव जनसेवा की तमन्ना लिए हुए शासकीय नौकरी से त्यागपत्र दे राजनीति में आये हैं। और चुनाव लड़ विधायक निर्वाचित होकर जनता की सेवा में लगे हैं।

डॉक्टर केके ध्रुव की चिकित्सक के रूप में पहली पदस्थापना कोरबा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में हुई थी। वे यहां सन 1998 से 2001 तक तीन वर्षों तक पदस्थ रहकर क्षेत्र के लोगो को चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाते रहें। फिर लंबे समय तक मरवाही क्षेत्र में ही पोस्टेड रहकर क्षेत्र के लोगो की सेवा करते रहे। इसी दौरान वे क्षेत्र में डॉक्टर के रूप में काफी लोकप्रिय भी हुए और उन्हें जनसमर्थन भी मिलने लगा। 2004 से वो ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हो गए। डॉक्टर कृष्ण कुमार ध्रुव के 3 पुत्र व एक पुत्री थी। जिनमे से एक पुत्र की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके पुत्र प्रवीण कुमार ध्रुव कोरबा जिले के बांगो विद्युत विभाग में सहायक अभियंता थे।

मरवाही विधानसभा अजीत जोगी के निधन से रिक्त हुई थी। इस सीट में उपचुनाव होने थे। जिसके लिए कांग्रेस ने केके ध्रुव पर भरोसा जताया। कांग्रेस की सीट से चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और चुनावी मैदान में कूद पड़े। उनके विरुद्ध चुनावी मैदान में भाजपा के डॉक्टर गंभीर सिंह प्रत्याशी थे। डॉक्टर गंभीर राजधानी के प्राइवेट अस्पताल में कार्यरत थे। उन्होंने मरवाही क्षेत्र में कई मेडिकल कैम्प भी लगाई थी। जिसके चलते वे क्षेत्र में लोकप्रिय थे। लिहाजा चुनावी मुकाबला कठिन था। इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में केके ध्रुव ने भाजपा प्रत्याशी गम्भीर सिंह को 37825 वोटों से हराकर जोगी कांग्रेस से सीट छीनी। डॉक्टर ध्रुव को जहां 83561 वोट मिले तो वही भाजपा प्रत्याशी को 45364 वोट मिले। यहां कुल 190202 वोटर है। 2020 उपचुनाव में फतह हासिल कर केके ध्रुव पहली बार मरवाही विधानसभा से विधायक बने हैं। मेडिकल क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उनको फरवरी 2022 में छतीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन का संचालक बनाया गया है व राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।

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