100 रुपए में आमदनी कैसे दोगुनी?.. धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि पर भाजपा गदगद, कांग्रेस बोली- यह तो किसानों से छल है...

केंद्र सरकार द्वारा धान सहित अन्य फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि के बाद छिड़ी बयानबाजी।

Update: 2022-06-08 16:32 GMT

रायपुर, 08 जून 2022। धान के समर्थन मूल्य में 100 रुपए की वृद्धि पर भाजपा ने खुशी जताई है। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। अब छत्तीसगढ़ सहित देश के किसानों को सामान्य धान का प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य सौ रुपए बढ़ाकर पीएम मोदी ने 2040 कर दिया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। भाजपा को किसानों को यह बताना चाहिए कि धान के समर्थन मूल्य में 100 रुपए की वृद्धि करने से किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी?

भाजपा अध्यक्ष ने बताया अभूतपूर्व कदम

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि मोदी सरकार देश के किसानों की समृद्धि के लिए अभूतपूर्व कदम उठा रही है। देश के किसानों को सम्मान मिल रहा है। सम्मान निधि मिल रही है। तथाकथित न्याय का नगाड़ा बजाने वाली कांग्रेस और उसकी राज्य सरकार किसानों को तीन साल से ठग रही है। किसानों को हर साल बढ़ रहे समर्थन मूल्य को जोड़कर प्रति क्विंटल 2500 से अतिरिक्त राशि देने की मांग भाजपा लगातार करती रही है। आज धान के समर्थन मूल्य में भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा की गई सौ रुपए की वृद्धि पर राज्य सरकार से यह मांग हम दोहरा रहे हैं कि भूपेश बघेल बिना किसी बहानेबाजी के किसान को वर्ष 2019 से आज तक हुई समर्थन मूल्य वृद्धि की अंतर की राशि 2500 के अतिरिक्त जोड़कर एकमुश्त भुगतान करें। जब कांग्रेस प्रति क्विंटल 2500 देने का वादा करके सत्ता में आई है तो वह हर साल होने वाली समर्थन मूल्य वृद्धि की रकम जोड़कर क्यों नहीं दे रही।

किसान हित छत्तीसगढ़ सरकार से सीखें

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार को किसानों का हित छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार से सीखना चाहिए। सीएम भूपेश बघेल की सरकार देश की अकेली सरकार है, जो अपने बलबूते पर अपने किसानों को धान की कीमत 2540 रुपए और 2560 रुपए प्रति क्विंटल दे रही है। अब किसानों को 2640 और 2660 रुपए मिलेगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान उत्पादक किसानों का 9 हजार व गन्ना, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन, फलदार वृक्ष एवं सब्जी लगाने वाले किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दे रही है। किसानों से किए वादे को पूरा की है। किसानों को कर्ज मुक्ति का लाभ दी है। सस्ते दरों पर बिजली दे रही है। भाजपा की सरकार किसानों से किए वादे को पूरा करने में असफल रही है। केंद्र सरकार की नीति में किसानों की तरक्की नहीं है, बल्कि पूंजीपतियों के आगे किसानों को घुटने टेकने के लिए मजबूर करने की रणनीति बनाई जा रही है।

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