धान और बकाया पर तकरार केंद्रीय खाद्य और FCI के अमले से राज्य के अधिकारियों की दो दिन से चर्चा जारी..प्रदेश को बकाया चार हज़ार करोड़ मसला सुलझने की ओर ..बोले मंत्री भगत "मुझे केंद्रीय खाद्य मंत्री से मुलाक़ात का इंतज़ार.. बकाया चार हज़ार करोड़ को लेकर अहम प्रगति"
नई दिल्ली,12 नवंबर 2021। धान ख़रीदी में केंद्र से चले आ रहे गतिरोध पर चर्चा कर राज्य का पक्ष रखने दिल्ली पहुँचे खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अब तक केंद्रीय खाद्य मंत्री से मुलाक़ात नहीं हो पाई है, लेकिन राज्य के खाद्य विभाग के अधिकारियों और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय और FCI के अधिकारियों के बीच दो दिनों की मैराथन बैठक में केंद्र से मिलने वाले चार हज़ार करोड़ को लेकर नतीजे उत्साहित करने वाले हैं। मंत्री अमरजीत भगत ने कहा
"हमें केंद्र से क़रीब चार हज़ार करोड़ की राशि लेनी है, इसमें चावल का बारदाना का लेबर चार्ज सभी की राशि शामिल है और यह राशि कोई वित्तीय वर्षों की है। हमारे अधिकारियों और केंद्रीय अधिकारियों के बीच दो दिन लगातार संवाद हुआ है, और हम इसके सकारात्मक निराकरण के बेहद क़रीब हैं, अभी यह बताना जल्दबाज़ी होगी कि बकाया राशि में कितना राज्य को मिलेगा पर जो चर्चा हुई उसके अनुसार मैं यह उम्मीद करता हूँ कि हमें बेहद राहत मिलेगी"
केंद्रीय खाद्य मंत्री से जो चर्चा होनी है, उनमें सबसे अहम मसला उसना चावल और बारदानों का है। केंद्र ने उसना चावल को लेने से मना कर दिया है, और बारदाना केवल तीस प्रतिशत प्राप्त हुआ है। उसना चावल को ना लेने से राज्य के किसान से लेकर मिलर्स को परेशानी होगी और इस कारण राज्य सरकार चाहती है कि केंद्र उसना चावल को लेने के लिए सहमति दे दे वहीं बारदाना की संख्या भी समुचित रुप से प्राप्त हो। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाक़ात में इन्ही विषयों पर राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की चर्चा होनी है। इसके साथ ही साथ बकाया चार हज़ार करोड़ को लेकर औपचारिक सहमति भी इसी बैठक में होनी है। मंत्री अमरजीत ने कहा "अभी अधिकारियों के बीच बैठक जारी है, केंद्रीय मंत्री से मुलाक़ात का मुझे इंतज़ार है..मैं सकारात्मक हासिल करने की पुरज़ोर कोशिश में हूँ"