Chhattisgarh Assembly Election 2023 Masturi Assembly Seat: 32. मस्तूरी विधानसभा: 1951 से चल रहा था कांग्रेस का अजेय रथ, 1990 में भाजपा के मदन सिंग ने इसे रोका, पढि़ए मस्तूरी विधानसभा के चुनावी किस्से
Chhattisgarh Assembly Election 2023 Masturi Assembly Seat:
एनपीजी एक्सक्लूसिव
रायपुर। बिलासपुर की मस्तुरी विधानसभा सीट में अब तक सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। यही कारण है कि इस सीट में अब हुए अब तक के कुल 15 चुनाव में से कांग्रेस ने 10 बार और भाजपा ने 5 बार जीत दर्ज की है। हालांकि बहुजन समाज पार्टी इस सीट से कई बार चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन अब तक उसने जीत का स्वाद नहीं चखा है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे।
मस्तुरी की सीट में पहले चुनाव साल 1951 में हुआ। इस समय इस सीट से दो विधायक चुने जाते थे। ऐसे में पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कुलपत सिंह और हाजी मो. मसूद खान ने चुनाव जीता। वहीं 1957 में हुए चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस गणेश राम अनंत और बशीर अहमद मस्तुरी से विधायक चुने गए। 1962 यहां पहली बार एकल विधायक प्रणाली से चुनाव हुए और कांग्रेस के गणेश राम अनंत ने जनसंघ के सखाराम को 982 वोट के अंतर से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद से लगातार कांग्रेस की अजेय रथ चलता रहा। इस अजेय रथ को साल 1990 के चुनाव में रोकने का काम किया भाजपा के मदन सिंह ने। इस चुनाव में कांग्रेस ने तीन बार के विधायक रहे बंशीलाल की जगह देवचरण सिंह को टिकट दिया। यह चुनाव काफी रोचक रहा और भाजपा के मदन सिंह को केवल 119 वोट के अंतर से जीत मिली।
कांग्रेस के बंशी और भाजपा के बांधी यहां से 3-3 चुनाव जीते
मस्तुरी विधानसभा में कुल 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं। ये 15 चुनाव जीतने वालों में 10 नेताओं के नाम शामिल हैं। इसमें कांग्रेस के बंशीलाल घृतलहरे और भाजपा के डॉ कृष्णमूर्ति बांधी के नाम 3-3 जीत शामिल है। बंशीलाल ने 1977, 1980 और 1985 में लगातार तीन चुनाव जीता था। इसी तरह डॉ बांधी ने साल 2003, 2008 और 2018 का चुनाव जीता। भाजपा के मदन सिंह 1990 और 1998 में चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस के ही गणेश राम अनंत 1957 और 1962 के चुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बनें। इसी तरह कांग्रेस के जी प्रसाद ने 1967 और 1972 का चुनाव जीता।
अब जानते हैं 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बारे में...
साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने तात्कालीन विधायक रहे दिलीप लहरिया को चुनावी मैदान में उतारा। भाजपा ने दो बार के विधायक रहे डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को टिकट दिया। वहीं बसपा से जयेंद्र सिंह पाटले प्रत्याशी बनाए गए। इस चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और बसपा के अलावा 8 और प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। चुनाव में मस्तुरी विधानसभा से कुल 187022 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जब परिणाम सामने आए तो भाजपा को 67950 वोट मिले। बसपा के हिस्से 53843 वोट आए। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस तीसरे पायदान पर रही और उसे 53620 वोट मिले। इस तरह डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने 14107 वोट के अंतर से यह चुनाव जीत लिया।
जानिए, मस्तुरी विधानसभा से अब तक कौन-कौन रहा विधायक
वर्ष | विधायक | पार्टी |
1951 | कुलपत सिंग | कांग्रेस |
हाजी मो. मसूद खान | कांग्रेस | |
1957 | गणेश राम अनंत | कांग्रेस |
बशीर अहमद | कांग्रेस | |
1962 | गणेश राम अनंत | कांग्रेस |
1967 | जी प्रसाद | कांग्रेस |
1972 | जी प्रसाद | कांग्रेस |
1977 | बंशीलाल घृतलहरे | कांग्रेस |
1980 | बंशीलाल घृतलहरे | कांग्रेस |
1985 | बंशीलाल घृतलहरे | कांग्रेस |
1990 | मदन सिंह | भाजपा |
1993 | देवचरण सिंह | कांग्रेस |
1998 | मदन सिंह | भाजपा |
2003 | डॉ कृष्णमूर्ति बांधी | भाजपा |
2008 | डॉ कृष्णमूर्ति बांधी | भाजपा |
2013 | दिलीप लहरिया | कांग्रेस |
2018 | डॉ कृष्णमूर्ति बांधी | भाजपा |